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बलरामपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता से मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद बार एसोसिएशन ने चक्का जाम आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया है।
वकीलों का प्रदर्शन
Balrampur: वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ हुई अभद्रता और मारपीट की घटना ने बीते दिनों पूरे अधिवक्ता समुदाय को आक्रोशित कर दिया था। मामला तूल पकड़ने के बाद जिला बार एसोसिएशन ने चक्का जाम जैसे बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। लेकिन पुलिस की तेज़ और सख्त कार्रवाई ने हालात को काफी हद तक संभाल लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा कुछ शांत हुआ है, हालांकि न्याय की लड़ाई अभी जारी है।
बलरामपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता सूर्य प्रकाश श्रीवास्तव के साथ हुई अभद्रता और मारपीट के मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई अब चर्चा का विषय बनी हुई है। घटना के बाद जिला बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए चक्का जाम आंदोलन का ऐलान कर दिया था। अधिवक्ताओं का कहना था कि यदि आरोपियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। अलग-अलग टीमों का गठन कर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज कर ली गई है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस मामले में एक अन्य आरोपी भी शामिल है। जिसकी लोकेशन गैर जनपद में मिली है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक विशेष टीम को रवाना कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही तीसरे आरोपी को भी पकड़ लिया जाएगा।
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पुलिस की इस सक्रियता के बाद जिला बार एसोसिएशन ने फिलहाल प्रस्तावित चक्का जाम आंदोलन को स्थगित कर दिया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बहादुर सिंह ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक के इस फैसले से कानून का इकबाल बुलंद हुआ है और अधिवक्ताओं को न्याय की उम्मीद जगी है।
हालांकि उन्होंने कहा कि जब तक पूरे मामले में न्याय नहीं मिल जाता, तब तक अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रहेगी। अगले दिन एक बार फिर अधिवक्ताओं की बैठक बुलाई जाएगी। जिसमें आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।
बार एसोसिएशन ने केवल इसी घटना तक अपनी मांगों को सीमित नहीं रखा है। अधिवक्ताओं ने संजय तिवारी से जुड़े एक अन्य प्रकरण में भी ठोस कार्रवाई की मांग दोहराई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जिले में बढ़ते अराजक तत्वों पर अंकुश लगाना बेहद जरूरी है। जब तक ऐसे सभी तत्वों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता। तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलता रहेगा।