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बलरामपुर में पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने जनता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए 4 दरोगा और 43 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया। यह जिले की अब तक की सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई मानी जा रही है।
बलरामपुर एसपी विकास कुमार
Balrampur: बलरामपुर जिले में पुलिस की वर्दी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। थानों में फरियाद लेकर पहुंचने वाले लोगों की आवाज दबाने, मामलों को जानबूझकर लटकाने और मनमानी रवैये की शिकायतें जब हद से ज्यादा बढ़ी तो आखिरकार पुलिस अधीक्षक ने ऐसा कदम उठा दिया। जिससे पूरे महकमे में खलबली मच गई। जिले में अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई करते हुए एसपी विकास कुमार ने एक साथ 4 उपनिरीक्षकों और 43 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। इस कार्रवाई को साफ संदेश माना जा रहा है कि अब लापरवाही और मनमानी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
लगातार मिल रही थी शिकायतें
बताया जा रहा है कि बीते कई महीनों से पुलिस अधीक्षक को जनता दर्शन, प्रार्थना पत्रों और अन्य माध्यमों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि कई थानों में तैनात पुलिसकर्मी पीड़ितों की बात सुनने के बजाय उन्हें टरका रहे हैं। कई मामलों में तो शिकायत दर्ज करने तक में आनाकानी की जा रही थी। हालात को देखते हुए एसपी ने पूरे मामले की गोपनीय जांच कराई, जिसमें शिकायतें सही पाई गईं।
इन उपनिरीक्षकों पर गिरी गाज
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एसपी ने बिना देरी किए कार्रवाई कर दी। लाइन हाजिर किए गए उपनिरीक्षकों में रेहरा बाजार के रणविजय सिंह, सादुल्लाहनगर के अरुण कुमार यादव, शरद अवस्थी और गैड़ास बुजुर्ग के समेश चंद्र उपाध्याय शामिल हैं। इन पर लंबे समय से एक ही थाने में जमे रहने और मनमानी करने के आरोप थे।
43 सिपाही भी पुलिस लाइन भेजे गए
केवल उपनिरीक्षक ही नहीं, बल्कि जिले के अलग-अलग थानों से 43 मुख्य आरक्षी और आरक्षियों को भी लाइन हाजिर किया गया है। इनमें रेहरा बाजार, देहात, गौरा चौराहा, महराजगंज तराई, जरवा और पचपेड़वा थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन पर अनुशासनहीनता और ड्यूटी में लापरवाही के आरोप हैं।
तुरंत हुआ प्रशासनिक फेरबदल
इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के हटने से थानों का काम प्रभावित न हो, इसके लिए एसपी ने फौरन 87 सिपाहियों का तबादला भी कर दिया। सभी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें।
सख्त संदेश, अब नहीं चलेगी लापरवाही
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने साफ कहा है कि थानों के कामकाज पर लगातार नजर रखी जा रही है। जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।