हिंदी
औरैया नगर पालिका क्षेत्र के कूड़ा निस्तारण स्थल पर मृत गोवंशों के शव खुले में पड़े मिले, जिन्हें कुत्ते और पक्षी नोचते नजर आए। नियमानुसार दफन न किए जाने से प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है। गोवंश संरक्षण के दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
गोवंश (Img: Google)
Auraiya: नगर पालिका परिषद औरैया क्षेत्र में गोवंश संरक्षण को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब कूड़ा निस्तारण स्थल पर मृत गोवंशों के शव खुले में पड़े मिले। इन शवों को आवारा कुत्ते और पक्षी नोचते नजर आए, जिससे न केवल प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई, बल्कि क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट का खतरा भी बढ़ गया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, नगर पालिका प्रशासन द्वारा मृत गोवंशों के शवों का निस्तारण निर्धारित नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा है। नियमों में स्पष्ट है कि मृत पशुओं को वैज्ञानिक तरीके से गड्ढा खोदकर दफनाया जाए, ताकि संक्रमण और गंदगी न फैले। लेकिन औरैया में इन नियमों को ताक पर रखकर शवों को सीधे कूड़े के ढेर में फेंक दिया जा रहा है।
गोवंशों की सुरक्षा और निगरानी के लिए गौशालाओं में लगाए गए CCTV कैमरे भी केवल शोपीस साबित हो रहे हैं। आवास विकास पानी टंकी परिसर में बनी गौशाला से मृत गोवंशों को नगर पालिका के कर्मचारी उठाकर कूड़ा निस्तारण स्थल पर डाल देते हैं, लेकिन न तो किसी अधिकारी की जवाबदेही तय होती है और न ही कैमरों की निगरानी से कोई कार्रवाई होती है।
आगरा में फैक्ट्री के बाहर हुई वारदात का पुलिस ने किया खुलासा, लाइसेंसी रिवॉल्वर सहित आरोपी गिरफ्तार
न्यायप्रिय जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी द्वारा समय-समय पर गोवंश संरक्षण और स्वच्छता को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं, लेकिन नगर पालिका परिषद उन आदेशों को गंभीरता से लागू करती नजर नहीं आ रही। सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक अनदेखी के कारण कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं और वे बिना भय के शवों को कूड़े में फेंक रहे हैं।
मृत गोवंशों के खुले में पड़े रहने से आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इससे न केवल गंदगी फैल रही है, बल्कि रेबीज और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है। हाल ही में मध्य प्रदेश में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के बाद औरैया के जिलाधिकारी द्वारा पानी की जांच कराई जा रही है, ऐसे में यह लापरवाही और अधिक गंभीर मानी जा रही है।
दिल्ली में अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थरबाजी, आगजनी और बवाल, 5 गिरफ्तार; जानिये पूरा अपडेट
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। लोग भाजपा सरकार और नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की निंदा कर रहे हैं। जनता का कहना है कि एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोवंश संरक्षण को लेकर गंभीर हैं, वहीं दूसरी ओर औरैया नगर पालिका के अधिकारी मृत गोवंशों के शव कूड़े के ढेर में फेंककर सरकार की मंशा को ठेस पहुंचा रहे हैं।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और पशु प्रेमियों ने मांग की है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही गोवंश संरक्षण के नाम पर खर्च हो रहे बजट और व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक तस्वीरें दोबारा न दिखें।