Happy Birthday Akhilesh Yadav: अखिलेश यादव का जन्मदिन और डिंपल से पहली मुलाकात, जानिये दोस्ती से कैसे आगे बढ़ा जीवन सफर

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के जन्मदिन पर जानें उनकी और पत्नी डिंपल यादव की अनसुनी प्रेम कहानी। कैसे अलग जाति होने के कारण मुलायम सिंह इस शादी के खिलाफ थे और अखिलेश यादव ने दादी की मदद से परिवार को मनाया। ऑस्ट्रेलिया से पत्रों के जरिए शुरू हुआ सफर आज राजनीति के सबसे मजबूत साथ में बदल चुका है।

Updated : 1 July 2026, 10:18 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 1 जुलाई 1973 को इटावा के सैफई में जन्मे अखिलेश यादव आज जीवन के एक और पड़ाव पर पहुँच चुके हैं। उनका जन्म समाजवादी पार्टी के संस्थापक व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और मालती देवी के घर हुआ था। अखिलेश यादव के जन्मदिन के इस खास मौके पर जहाँ देश भर से उन्हें बधाइयाँ मिल रही हैं, वहीं उनकी और उनकी पत्नी डिंपल यादव की बॉन्डिंग की चर्चा भी खूब हो रही है। दोनों का एक-दूसरे के प्रति सम्मान और राजनीतिक व व्यक्तिगत जीवन में तालमेल हर किसी को प्रेरित करता है।

सैन्य स्कूल से सिडनी तक की शिक्षा

अखिलेश यादव की प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान के धौलपुर मिलिट्री स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा की ओर रुख किया और मैसूर विश्वविद्यालय से सिविल इनवायरमेंटल इंजीनियरिंग में स्नातक (ग्रेजुएशन) की डिग्री हासिल की। शिक्षा के प्रति उनका रुझान यहीं नहीं रुका, आगे की पढ़ाई के लिए वे ऑस्ट्रेलिया चले गए, जहाँ उन्होंने सिडनी विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) की डिग्री प्राप्त की।

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पहली मुलाकात और फिल्मी लव स्टोरी

अखिलेश यादव और मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव की प्रेम कहानी बिल्कुल किसी फिल्मी पटकथा जैसी है। दोनों की पहली मुलाकात पढ़ाई के दौरान एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हुई थी। उस वक्त अखिलेश यादव की उम्र 21 वर्ष थी और डिंपल महज 17 वर्ष की थीं। पहली ही मुलाकात में दोनों ने एक-दूसरे को पसंद कर लिया। इसके बाद दोनों के बीच मेल-जोल बढ़ने लगा।

जब अखिलेश यादव आगे की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया चले गए, तब भी दोनों के बीच की दूरियाँ आड़े नहीं आईं। उस दौर में दोनों के बीच पत्रों (चिठ्ठियों) के जरिए बातचीत का सिलसिला जारी रहा। करीब चार सालों तक एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने हमेशा के लिए एक-दूसरे का हाथ थामने यानी शादी करने का फैसला किया।

शादी के लिए अड़ गए थे अखिलेश, दादी ने दिया साथ

अखिलेश और डिंपल की शादी की राह इतनी आसान नहीं थी। दोनों अलग-अलग जाति से ताल्लुक रखते थे, जिसके कारण अखिलेश का परिवार इस शादी के लिए तैयार नहीं था। खुद मुलायम सिंह यादव भी इस रिश्ते के खिलाफ थे। लेकिन अखिलेश यादव डिंपल से ही शादी करने की जिद पर अड़े रहे। परिवार को मनाने के लिए अखिलेश ने अपनी दादी का सहारा लिया और उन्हें शादी के लिए राजी किया। आखिरकार, दादी के हस्तक्षेप और अखिलेश यादव की जिद के आगे परिवारों को मानना पड़ा। दोनों परिवारों की सहमति से 24 नवंबर 1999 को अखिलेश और डिंपल परिणय सूत्र में बंध गए। आज इस शादीशुदा सफर को सालों बीत चुके हैं और उनके तीन बच्चे हैं- सबसे बड़ी बेटी अदिति, और जुड़वा बच्चे अर्जुन व टीना।

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राजनीति से लेकर हर मोड़ पर मजबूत साथ

डिंपल यादव एक गैर-राजनीतिक परिवार से आती हैं, लेकिन शादी के बाद उन्होंने अखिलेश यादव के हर फैसले का पूरी मजबूती से समर्थन किया। चाहे अखिलेश का राजनीति में कदम रखना हो या फिर उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद डिंपल का कन्नौज लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरना, डिंपल हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं।

मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद जब अखिलेश यादव ने डिंपल को मैनपुरी से चुनाव लड़ाने का फैसला किया, तो उन्होंने बिना किसी सवाल के इसे स्वीकार किया और जीत दर्ज की। आज डिंपल यादव मैनपुरी से सांसद हैं। संसद हो या सड़क, लोकसभा में अखिलेश यादव के भाषणों के दौरान उनके ठीक पीछे बैठी डिंपल यादव उनके हर भाव पर प्रतिक्रिया देतीं और उनके फैसलों का समर्थन करती नजर आती हैं।

Location :  Lucknow

Published :  1 July 2026, 10:18 AM IST

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