UP Politics: चुनाव से पहले अखिलेश ने लिया बड़ा फैसला, अब इन नेताओं के लिए सपा में नहीं खुलेगा दरवाजा

आगामी चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने सत्ताधारी गठबंधन के असंतुष्ट नेताओं के लिए अपने दरवाजे बंद रखने की रणनीति बनाई है। 2022 में दलबदलुओं से अपेक्षित लाभ नहीं मिलने के बाद पार्टी ने यह फैसला लिया। अखिलेश यादव ने सरकार पर अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था को लेकर भी निशाना साधा।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 16 August 2026, 11:50 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने कथित तौर पर फैसला किया है कि सत्ताधारी गठबंधन में शामिल असंतुष्ट नेताओं और मंत्रियों को पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। सपा नेतृत्व का मानना है कि ऐसे नेताओं को साथ लेने से जनता के बीच गलत संदेश जा सकता है और इसका चुनावी फायदा मिलने के बजाय नुकसान हो सकता है।

2022 के अनुभव से लिया सबक

सपा के रणनीतिकारों के मुताबिक, पार्टी के इस फैसले के पीछे 2022 विधानसभा चुनाव का अनुभव भी बड़ी वजह है। चुनाव से पहले भाजपा सरकार के तत्कालीन कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और दारा सिंह चौहान सपा में शामिल हुए थे। उस समय पार्टी को उम्मीद थी कि इन नेताओं के आने से चुनावी समीकरण मजबूत होंगे, लेकिन नतीजों में इसका अपेक्षित फायदा नहीं मिला।

सपा के भीतर यह भी माना जाता है कि बाहरी नेताओं के लगातार आने से पार्टी के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं में असहजता पैदा होती है। इसी वजह से अब टिकट और संगठन से जुड़े फैसलों में पुराने कार्यकर्ताओं और पार्टी के जमीनी आधार को प्राथमिकता देने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है।

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सत्ताधारी गठबंधन के असंतुष्ट नेताओं से दूरी

सपा सूत्रों के अनुसार, सरकार में शामिल कुछ मंत्री और गठबंधन के वरिष्ठ नेता चुनाव से पहले पाला बदलने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने ऐसे संभावित दलबदलुओं के लिए अपने दरवाजे बंद रखने का संकेत दिया है।

पार्टी का तर्क है कि जिन नेताओं को लेकर उनके मौजूदा क्षेत्र में जनता के बीच नाराजगी है, उन्हें सपा में शामिल करने से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

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अखिलेश ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

इसी बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर पीडीए समाज के शोषण, अपराध, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर निशाना साधा। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कई घटनाओं का जिक्र किया।

अखिलेश ने प्रतापगढ़ में सौरभ विश्वकर्मा की हत्या, बदायूं में डॉक्टर के साथ मारपीट और गोरखपुर में बिजली ठेकेदार की हत्या का उल्लेख करते हुए इन्हें कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ा।

उन्होंने महंगाई, भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अपराध, जमीनों पर कब्जे और पुलिस हिरासत में मौत जैसे मुद्दे भी उठाए। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और पीडीए आरक्षण से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए।

सुखबीर बादल पर हमले को लेकर भी बोले अखिलेश

अखिलेश यादव ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले को भी गंभीर मामला बताया। उन्होंने इसे महाराष्ट्र की भाजपा सरकार की सुरक्षा व्यवस्था में चूक करार देते हुए बादल के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

Location :  Lucknow

Published :  16 August 2026, 11:50 AM IST

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