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निर्माणाधीन ओवरब्रिज की सटरिंग भरभराकर गिरी (Img: Dynamite News)
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटनी बाईपास में निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर ढलाई के दौरान अचानक सटरिंग भरभराकर नीचे गिर गई। सटरिंग के साथ भारी मलबा भी नीचे आ गिरा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, समय रहते मजदूरों और आसपास मौजूद लोगों के हट जाने से बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बताया गया कि ओवरब्रिज पर ढलाई का काम चल रहा था। इसी दौरान सटरिंग का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। भारी मलबा गिरते ही वहां काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। नीचे मौजूद मजदूरों और राहगीरों ने किसी तरह वहां से हटकर अपनी जान बचाई।
भटनी बाईपास की यह परियोजना करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है और इसका निर्माण सेतु निगम करा रहा है। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सवाल यह भी है कि निर्माण के दौरान सटरिंग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की पर्याप्त जांच की गई थी या नहीं।
कुछ दिन पहले चखनी घाट पर निर्माणाधीन पुल के स्लैब को लेकर भी सवाल उठे थे। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। अब भटनी बाईपास में सटरिंग गिरने की घटना ने निर्माण कार्य की निगरानी और गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है।
घटना के बाद सेतु निगम की कार्यप्रणाली और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले में सेतु निगम के अधिकारियों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकारियों ने कैमरे पर बयान देने से इनकार कर दिया।
जिलाधिकारी मधुसुदन हुल्गी ने स्पष्ट किया कि यह निर्माणाधीन परियोजना है और घटना के समय मौके पर किसी तरह का आवागमन नहीं हो रहा था। उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में सेतु निगम से रिपोर्ट मांगी गई है और निर्माण कार्य को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने कहा कि सटरिंग गिरने की घटना किन कारणों से हुई, इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दोषियों के संबंध में शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
डीएम ने पुल गिरने की बात को भी स्पष्ट किया। उनके अनुसार, पुल नहीं गिरा है, बल्कि निर्माण प्रक्रिया के दौरान सटरिंग से जुड़ी घटना हुई है। उन्होंने सेतु निगम को निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने और परियोजना को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता की निगरानी को लेकर है। क्या सटरिंग लगाने से पहले पर्याप्त सुरक्षा जांच की गई थी और निर्माण कार्य के दौरान मानकों का पालन हो रहा था, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की स्थिति भी उसी के आधार पर तय होगी।
Location : Deoria
Published : 1 October 2026, 7:10 PM IST
Topics : Bridge Construction Construction Safety Deoria News Overbridge Accident Shuttering Collapse