Agra: एथलीट अंबिका के संघर्ष की कहानी को अखिलेश यादव ने सराहा, हौसले को दिया पुरस्कार

जीवन के संघर्ष और मुश्किल हालातों के बीच भी एक बेटी ने अपने हौसले को हारने नहीं दिया। आगरा के एक छोटे से गांव से निकली इस एथलीट ने जब मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया तो उसकी कहानी राजधानी की सियासत तक पहुंच गई। उनकी संघर्ष की कहानी को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जमकर सराहा।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 28 August 2026, 10:42 PM IST
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Agra: विषम परिस्थितियों को मात देकर खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा साबित करने वाली बाह क्षेत्र के गांव जरार निवासी एथलीट अंबिका वर्मा निषाद के संघर्ष और उपलब्धि की समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सराहना की। अखिलेश यादव ने अंबिका से मुलाकात कर उनके संघर्ष की पूरी कहानी सुनी और उनका हौसला बढ़ाते हुए एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया।

अंबिका का सफर सामान्य खिलाड़ी जैसा नहीं रहा है। गंभीर बीमारी के चलते एक समय उनके शरीर का आधा हिस्सा पैरालाइज हो गया था। ऐसी स्थिति में सामान्य जीवन में लौटना ही बड़ी चुनौती थी, लेकिन अंबिका ने हिम्मत नहीं हारी। बीमारी और शारीरिक परेशानियों से जूझते हुए उन्होंने खुद को दोबारा तैयार किया और अंततः एथलेटिक्स ट्रैक पर वापसी की।

बीमारी को हराकर ट्रैक पर लौटीं अंबिका

अंबिका ने न सिर्फ खेल में वापसी की, बल्कि प्रतियोगिता में पदक हासिल कर अपनी मेहनत को उपलब्धि में बदल दिया। प्रयागराज में आयोजित 61वीं यूपी स्टेट लेवल जूनियर एथलेटिक चैंपियनशिप की 1000 मीटर दौड़ में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया और रजत पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने बाह क्षेत्र का नाम भी रोशन किया।

अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान अंबिका और उनके परिवार ने बीमारी के दौर से लेकर रिकवरी, दोबारा अभ्यास शुरू करने और प्रतियोगिता में पदक जीतने तक की यात्रा साझा की। अखिलेश यादव ने अंबिका की दृढ़ इच्छाशक्ति और खेल के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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एक लाख रुपये देकर बढ़ाया हौसला

अंबिका की उपलब्धि और संघर्ष को देखते हुए अखिलेश यादव ने उन्हें एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया। उन्होंने अंबिका को आगे भी अपने लक्ष्य की दिशा में मेहनत जारी रखने और खेल के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।

अंबिका को अखिलेश यादव के पास लेकर गए घनश्याम भारतीय ने कहा कि अंबिका की कहानी उन युवाओं के लिए उदाहरण है जो कठिन परिस्थितियों के कारण अपने सपनों से पीछे हट जाते हैं।

उन्होंने कहा कि अंबिका का संघर्ष बताता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर इंसान हिम्मत नहीं हारता और अपने लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास करता है तो सफलता हासिल की जा सकती है। बीमारी के बाद ट्रैक पर लौटकर पदक जीतना अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है।”

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प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते रहे हैं अखिलेश

घनश्याम भारतीय ने कहा कि अखिलेश यादव प्रतिभाशाली युवाओं, खिलाड़ियों और जरूरतमंद लोगों की उपलब्धियों की सराहना करने के साथ उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाह क्षेत्र की कई प्रतिभाओं को भी समय-समय पर अखिलेश यादव का प्रोत्साहन और सहयोग मिला है।

अंबिका की सफलता से उनके परिवार के साथ-साथ बाह क्षेत्र के लोगों में भी खुशी है। बीमारी के कारण शरीर का आधा हिस्सा प्रभावित होने से लेकर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के पोडियम तक पहुंचने की उनकी यात्रा दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत की मिसाल बन गई है।

अब अंबिका का लक्ष्य अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए खेल के क्षेत्र में बाह और उत्तर प्रदेश का नाम बड़े मंचों पर रोशन करना है।

Location :  Agra

Published :  28 August 2026, 10:31 PM IST

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