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देश में रसोई गैस को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। गैस की किल्लत को लेकर महराजगंज में जमीनी हकीकत को परखने के लिए डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने ग्राउंड पर जाकर गैस वितरण व्यवस्था को लेकर कवरेज किया।
महराजगंज में रसोई गैस की ग्राउंड रिपोर्ट
Maharajganj: महराजगंज जिले में रसोई गैस को लेकर एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। प्रशासन लगातार ये दावा कर रहा कि जिले में गैस की आपूर्ति के पर्याप्त भंडार है, उपभोक्ता किसी अफवाहों पर ध्यान न दे। इसी को लेकर डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने ग्राउंड पर गैस वितरण व्यवस्था को लेकर खबर कवरेज किया।
जिले के कोल्हुई के बभनी बुजुर्ग गाँव में एक खाली जगह पर पिकअप खड़ी कर गैस वितरण करते हुआ देखा। मौके पर पिकअप पर 'विशम्भर भारत गैस परासखाड पता फरेंदा' के नाम से गाड़ी लगी हुई थी जिस पर सिलेंडर भरा हुआ गाड़ी लोड थी। यह एजेंसी वितरण स्थल से लगभग 20 किलोमीटर दूर की है।
महराजगंज में रसोई गैस की किल्लत को लेकर क्या बोले उपभोक्ता
➡️गैस वितरण व्यवस्था को लेकर देखिये डाइनामाइट न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट#Maharajganj #LPGCrisis #MaharajganjNews #CookingGas pic.twitter.com/XwCuPytkbg— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 15, 2026
जब गैस वितरण कर रहे कुछ लोगों से टीम ने पूछा कि किसके आदेश पर यहाँ गैस वितरण कर रहे तो स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। फ़िर एक वितरण करने वाले ने बताया की उनकी विशम्भर भारत गैस एजेंसी फरेंदा की है। जिनके कस्टमर इस बभनी बुजुर्ग गाँव में है। जिन उपभोक्ताओं का नंबर पहले लगा है उन्ही लोगों को होम डिलीवरी के माध्यम से गैस वितरण किया जा रहा।
मौके पर सिलेंडर लेकर मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि उनका नंबर पहले से लगा है,वही कुछ लोग हाथ में पासबुक लेकर खड़े बताये कि उनका नंबर पहले नहीं लगा है, अभी नंबर लगाकर सिलेंडर मिलेगा।
इस मामले में सप्लाई विभाग के अधिकारी विजय साहनी ने बताया कि उक्त फरेंदा के गैस एजेंसी के पुराने कस्टमर कोल्हुई के गाँव में है,जिन्हें गैस वितरण किया जा रहा।
महराजगंज जिले के डीएम संतोष शर्मा ने घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए ,गैस की कालाबाजारी व भंडारण पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने गैस वितरण से जुड़ी समस्याओं के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। साथ ही प्रशासन ने चारों तहसीलों में प्रवर्तन दलों का गठन किया है जो तहसीलों में औचक छापेमारी कर वितरण व्यवस्था की जांच करेंगे। इस कारवाई में राजस्व विभाग, खाद्य, रसद विभाग स्थानीय प्रशासन आदि शामिल रहेंगे।