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स्टाफ हड़ताल पर फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज
Greater Noida: जब कोरोना काल में कोई आगे नहीं आया तो अस्पताल में काम करने वाले स्टाफ समेत नर्सों ने ऐसा कार्य किया, जिसकी वजह से करोड़ों लोगों की जान बच गई। उस वक्त अस्पताल के स्टाफ को सरकार ने भगवान का दर्जा दे दिया, लेकिन आज उन्हीं लोगों का शोषण हो रहा है।
डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ग्रेटर नोएडा के कासना में स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS) अस्पताल में पहुंची, जहां पर अस्पताल का पूरा स्टाफ हड़ताल पर है। इनमें सैकड़ों की संख्या में नर्स और पूरा स्टाफ है। इनका कहना है, "कोरोना काल में हमने अपनी जान की बाजी लगाकर अस्पताल में काम किया। इसमें हमारे भाइयों, पिता और परिवार के अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी। लेकिन उसके बावजूद भी हमने पूरी दुनिया में सरकार की छवि को बनाने और लोगों की जान बचाने के लिए अपनी परवाह किए बिना अस्पतालों में सेवाएं दी थी।"
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हड़ताल करने वाले स्टाफ का कहना है, "उस समय हमसे वादा किया गया था कि जब कभी मौका मिलेगा तो आपको परमानेंट किया जाएगा। जिम्स के डायरेक्टर ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने खुद हमें आश्वासन दिया था, लेकिन जब आज हमारी जरूरत नहीं है तो हमारा शोषण किया जा रहा है।
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इनका आरोप है कि हमें नौकरी से निकलने की कोशिश की जा रही है और नए लोगों की भर्ती करने का प्रयास किया जा रहा है। स्टाफ का कहना है कि हमें पहले परमानेंट करने और बाद में नौकरी के लिए भर्ती निकालने की बात कहीं गई। लेकिन आज हमारे साथ धोखा हो रहा है। स्टाफ का कहना है कि हमें इंसाफ चाहिए। इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दखल देनी चाहिए।
Location : Noida
Published : 17 June 2026, 9:01 PM IST