विंध्यवासिनी मंदिर की सुरक्षा में सेंध! VIP दर्शन से लेकर अमित शाह तक पर रखी जा रही थी नजर? मिले गुप्त कैमरे

मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर और विंध्य कॉरिडोर परिसर में लगे निजी सीसीटीवी कैमरों से श्रद्धालुओं और मंदिर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कैमरे हटवा दिए हैं और संबंधित लोगों को चेतावनी दी गई है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 10 August 2026, 6:12 AM IST
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Mirzapur : मां विंध्यवासिनी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। जिस मंदिर की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी से लेकर हाईटेक एआई कैमरे तक लगाए गए हैं, उसी परिसर में निजी कैमरों के जरिए लंबे समय से गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। जांच में सामने आया कि मंदिर और विंध्य कॉरिडोर क्षेत्र में चार निजी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिनसे श्रद्धालुओं, मंदिर प्रबंधन और तीर्थ पुरोहितों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा रहा था।

मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पंडा समाज की मौजूदगी में इन निजी कैमरों को हटवा दिया गया है। हालांकि अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद निजी कैमरे कैसे लगाए गए और इतने लंबे समय तक इसकी जानकारी किसी को क्यों नहीं हुई।

सुरक्षा घेरे के बीच निजी कैमरों का खुलासा

मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। धाम में पुलिस चौकी मौजूद है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है। इसके अलावा मंदिर परिसर में हाई रिजोल्यूशन एआई आधारित कैमरे भी लगाए गए हैं।

इसके बावजूद कुछ लोगों ने अपने निजी कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे दी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, विंध्य कॉरिडोर निर्माण के दौरान कुछ लोगों ने निजी कैमरे स्थापित कर लिए थे, जिनकी जानकारी लंबे समय तक सामने नहीं आ सकी।

विवाद और मारपीट के वीडियो किए जाते थे वायरल

जांच में सामने आया कि इन कैमरों के जरिए मंदिर में आने-जाने वाले लोगों के अलावा अन्य तीर्थ पुरोहितों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाती थी। आरोप है कि पंडा समाज के बीच विवाद या मारपीट जैसी घटनाओं के वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल किए जाते थे।

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मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निजी कैमरों को हटवा दिया।

VIP दर्शन पर भी थी नजर!

विंध्यवासिनी मंदिर में देश के कई बड़े नेता और वीआईपी दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य गणमान्य लोग मंदिर में दर्शन कर चुके हैं।

इसके अलावा आरएसएस प्रमुख समेत कई प्रमुख हस्तियां भी विंध्य धाम पहुंच चुकी हैं। ऐसे में निजी कैमरों से वीआईपी मूवमेंट और मंदिर परिसर की गतिविधियों की रिकॉर्डिंग किए जाने को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रशासन ने दी चेतावनी, जांच जारी

विंध्य विकास परिषद के सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार सिंह ने बताया कि मंदिर में निजी कैमरे लगाए गए थे, जिन्हें हटवा दिया गया है। संबंधित लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है।

वहीं श्रीविंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि शुक्रवार को जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और पंडा समाज के पदाधिकारियों की मौजूदगी में निजी कैमरों को हटाया गया। फिलहाल प्रशासन इस मामले में आगे की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। जिससे भविष्य में मंदिर परिसर की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ न हो सके।

Location :  Mirzapur

Published :  10 August 2026, 6:10 AM IST

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