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यूपी शिक्षकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला (Img: Freepik)
New Delhi: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत लाखों शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य में करीब 1.86 लाख शिक्षक अभी तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण नहीं कर सके हैं। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे शिक्षकों की है जो आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी न होने के कारण परीक्षा में बैठ ही नहीं पाए थे।
अब इन शिक्षकों के लिए राहत की खबर यह है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद टीईटी पास करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। पहले यह समय सीमा 31 अगस्त 2027 तय थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी कार्यरत शिक्षकों को टीईटी या सीटीईटी उत्तीर्ण करना आवश्यक है, लेकिन इसके लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी सुझाव दिया है कि राज्य सरकारें टीईटी परीक्षा नियमित रूप से, संभव हो तो वर्ष में दो बार आयोजित करें, ताकि शिक्षकों को अवसर मिलता रहे। इस आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से शिक्षकों का विस्तृत डेटा एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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शासन स्तर पर इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि ऐसे शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित की जाए। इस कदम का उद्देश्य उन शिक्षकों को अवसर देना है जो अब तक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सके हैं। विशेष सचिव बेसिक शिक्षा अवधेश कुमार तिवारी ने शिक्षा निदेशक (बेसिक) को निर्देश जारी किए हैं कि पूरे राज्य में ऐसे शिक्षकों की सूची एक सप्ताह के भीतर तैयार की जाए।
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राज्य में कार्यरत लगभग 50 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जो न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी न होने के कारण टीईटी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते थे। अब सरकार इनकी स्थिति पर भी अलग से विचार कर रही है।
Location : New Delhi
Published : 17 June 2026, 8:19 PM IST