हर गांव में डिजिटल लाइब्रेरी की पहल से आत्मनिर्भर होंगी पंचायतें, आयोग के समक्ष उठा मुद्दा

लखनऊ में आयोजित छठवें वित्त आयोग की पंचायत प्रतिनिधि संगोष्ठी में महराजगंज का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार जोशी ने पंचायतों की आय बढ़ाने, आरसी सेंटर के संचालन और तालाब राजस्व को सीधे ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने समेत कई महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष रखे।

Updated : 17 June 2026, 8:41 PM IST
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महराजगंज: लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक होटल में मंगलवार को छठवें वित्त आयोग द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास संबंधी सुझावों को आयोग के समक्ष रखा।

 क्या है पूरी खबर?

महराजगंज जनपद की ओर से मिठौरा ब्लॉक के पसौनी गांव के प्रधान एवं प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार जोशी ने प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने ग्रामीण विकास, पंचायतों की आर्थिक मजबूती तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए।

पंचायतों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत

अनिल कुमार जोशी ने कहा कि ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए प्रत्येक गांव में डिजिटल लाइब्रेरी एवं पुस्तकालय स्थापित किए जाएं। इन केंद्रों पर न्यूनतम शुल्क निर्धारित कर पंचायतों के लिए अतिरिक्त राजस्व का स्रोत विकसित किया जा सकता है। उनका मानना है कि इससे ग्रामीण युवाओं को अध्ययन की बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ पंचायतों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

उन्होंने आरसी सेंटरों के नियमित एवं प्रभावी संचालन के लिए प्रत्येक गांव में दो अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि वर्तमान में कर्मचारियों की कमी के कारण कई स्थानों पर आरसी सेंटरों का संचालन प्रभावित होता है, जिससे ग्रामीणों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।

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संगोष्ठी के दौरान अनिल जोशी ने तालाबों से प्राप्त होने वाले राजस्व का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था में तालाबों से संबंधित धनराशि तहसीलों में जमा होती है, जो समय पर ग्राम पंचायतों को नहीं मिल पाती। इसके कारण विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यह धनराशि सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में जमा कराई जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिल सके।

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कार्यक्रम में मौजूद छठवें वित्त आयोग के सचिव सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि उन्हें संकलित कर शासन स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। शासन की स्वीकृति मिलने के बाद जनहित से जुड़े सुझावों को शीघ्र क्रियान्वित करने का प्रयास किया जाएगा।

Location :  Maharajganj

Published :  17 June 2026, 8:41 PM IST

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