मां काली, शिवलिंग और बालाजी की दिव्य झांकी… मुजफ्फरनगर में जहां रुकी, वहीं उमड़ पड़ी भीड़

सावन कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर में दिल्ली के माधोपुर से आए 35 शिवभक्तों की विशाल कांवड़ आकर्षण का केंद्र बनी। कांवड़ में 10 फीट ऊंची मां काली, 10.5 फीट शिवलिंग और बालाजी महाराज की झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 5 August 2026, 12:42 PM IST
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Muzaffarnagar: सावन के पावन महीने में जहां एक ओर पूरा शिवभक्त समाज 'बोल बम' के जयघोष के साथ गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है, वहीं मुजफ्फरनगर में एक ऐसी भव्य कांवड़ ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जिसे देखने के लिए लोग खुद-ब-खुद रुकने लगे। सड़क पर जैसे ही यह कांवड़ पहुंची, श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। 10 फीट ऊंची मां काली के उग्र स्वरूप और 10.5 फीट ऊंचे शिवलिंग की भव्य प्रतिमा ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। लोग मोबाइल कैमरों में इस अद्भुत झांकी को कैद करते नजर आए और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकली शिवभक्तों की टोली

दिल्ली के माधोपुर क्षेत्र से आई 35 शिवभक्तों की टोली हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई है। यात्रा के दौरान जब यह कांवड़ मुजफ्फरनगर पहुंची तो सड़क किनारे मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की निगाहें इसी पर टिक गईं।

10 फीट मां काली और 10.5 फीट शिवलिंग बने आकर्षण का केंद्र

इस विशाल कांवड़ की सबसे बड़ी खासियत इसमें लगी 10 फीट ऊंची मां काली की उग्र प्रतिमा और 10.5 फीट ऊंचा शिवलिंग है। दोनों प्रतिमाओं को बेहद आकर्षक तरीके से सजाया गया है। जैसे-जैसे कांवड़ आगे बढ़ रही थी, लोग रुककर दर्शन कर रहे थे। कई श्रद्धालुओं ने कांवड़ के सामने हाथ जोड़कर पूजा-अर्चना भी की।

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'मां काली हमारी कुलदेवी हैं'

माधोपुर निवासी और कांवड़ टोली के सदस्य पवन नागिया ने बताया कि मां काली उनकी कुलदेवी हैं। इसी वजह से उन्होंने इस बार अपनी विशाल कांवड़ में मां काली के उग्र स्वरूप को विशेष स्थान दिया है। उन्होंने बताया कि कांवड़ में भगवान शिव और बालाजी महाराज की झांकी भी बनाई गई है, ताकि श्रद्धालु एक साथ कई देवी-देवताओं के दर्शन कर सकें।

12 बार ला चुके हैं डाक कांवड़

पवन नागिया ने बताया कि उनकी टोली पिछले कई वर्षों से लगातार कांवड़ यात्रा करती आ रही है। यह उनकी तीसरी विशाल कांवड़ है। इससे पहले वे 12 बार डाक कांवड़ भी ला चुके हैं।

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35 शिवभक्त निभा रहे सेवा और अनुशासन की मिसाल

कांवड़ यात्रा में शामिल सभी 35 शिवभक्त अनुशासन के साथ यात्रा कर रहे हैं। टोली के सदस्य बारी-बारी से कांवड़ की सेवा कर रहे हैं। यात्रा के दौरान पूरी व्यवस्था पहले से तय की गई है ताकि किसी श्रद्धालु को परेशानी न हो।

मुजफ्फरनगर बना कांवड़ यात्रा का सबसे बड़ा पड़ाव

हर साल की तरह इस बार भी मुजफ्फरनगर कांवड़ यात्रा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। हरिद्वार से लौटने वाले लाखों शिवभक्त इसी मार्ग से होकर गुजर रहे हैं। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, ट्रैफिक और चिकित्सा सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  5 August 2026, 12:42 PM IST

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