सुल्तानपुर में शिक्षा व्यवस्था पर डीएम का डंडा, दो बीईओ से मांगा गया स्पष्टीकरण, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

सुल्तानपुर में डीएम इंद्रजीत सिंह ने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए कस्तूरबा विद्यालयों में 'क्यूरिसिटी कार्यक्रम' का संचालन संतोषजनक न मिलने पर दो बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही कई अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई।

Updated : 5 August 2026, 12:36 PM IST
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Sultanpur: जिले की शिक्षा व्यवस्था में ढुलमुल रवैया अब अधिकारियों को भारी पड़ने लगा है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने लापरवाह अधिकारियों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में 'क्यूरिसिटी कार्यक्रम' का संचालन संतोषजनक न मिलने पर डीएम ने बल्दीराय और भदैंया के खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) से स्पष्टीकरण तलब करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

कमियों पर फटकार और जवाब तलब

समीक्षा बैठक में जब कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के आंकड़ों की परतें खुलीं, तो प्रशासनिक नाराजगी सामने आ गई। बल्दीराय और भदैंया के कस्तूरबा विद्यालयों में छात्राओं की क्यूरिसिटी कार्यक्रम में सक्रियता 66 प्रतिशत और 52 प्रतिशत ही दर्ज की गई, जिसे डीएम ने बेहद गंभीरता से लिया और दोनों बीईओ को कड़ी फटकार लगाई।

इसके साथ ही, बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट में निपुण ऐप, दीक्षा ऐप, प्रेरणा पोर्टल और स्मार्ट क्लास जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल न किए जाने पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि इस मोर्चे पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से भी स्पष्ट जवाब तलब किया जाए।

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एक महीने की सख्त डेडलाइन

जिलाधिकारी ने बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों को गति देने के लिए अधिकारियों को सख्त समय-सीमा दी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि आगामी एक माह के भीतर विद्यालयों की बाउंड्रीवाल, दिव्यांग शौचालय, हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग और रोड सेफ्टी बोर्ड लगाने के सभी लंबित कार्य हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इसके अलावा, भूमि विवाद में फंसे 62 विद्यालयों के मामलों का भी एक महीने के भीतर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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माध्यमिक शिक्षा पर भी रही पैनी नजर

माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में निर्माण की गुणवत्ता से कोई भी समझौता न करने की हिदायत दी। उन्होंने सभी राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं विकसित करने के आदेश दिए। साथ ही, सभी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का गहन आकलन कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

Location :  Sultanpur

Published :  5 August 2026, 12:22 PM IST

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