हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: स्कूल, अस्पताल और बस अड्डों से हटेंगे लावारिस जानवर, जानिए सरकार की नई गाइडलाइन

यूपी में छुट्टा पशुओं और लावारिस कुत्तों के खौफ पर हाईकोर्ट सख्त। अस्पतालों, स्कूलों व बस अड्डों से जानवरों को हटाने के निर्देश। एंटी-रैबीज वैक्सीन की कमी पर सीधे अस्पताल अधीक्षक पर गाज गिरेगी। जानिए पूरी कार्ययोजना

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 5 August 2026, 10:44 AM IST
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Prayagraj: उत्तर प्रदेश की सड़कों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर घूमते छुट्टा पशु और आवारा कुत्ते अब केवल आम जनता के लिए ही नहीं, बल्कि अदालत के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए यूपी सरकार को दो सप्ताह के भीतर पूरे प्रदेश के अति-संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की जिला-वार सूची तैयार करने का आदेश दिया है। अदालत का साफ मानना है कि जब तक इन जगहों की पहचान नहीं होगी, तब तक सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं की जा सकती।

स्कूल, अस्पताल और बस अड्डों की बनेगी लिस्ट

जस्टिस अजित कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की पीठ ने स्पष्ट किया है कि सरकार और प्रशासन तुरंत हरकत में आए। कोर्ट ने सरकारी व निजी शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और खेल परिसरों जैसे महत्वपूर्ण संस्थागत क्षेत्रों की पहचान करने को कहा है।

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इसके साथ ही केंद्र सरकार से भी उनके नियंत्रण वाले संस्थानों की सूची मांगी गई है। हाईवे पर घूमते लावारिस जानवरों के लिए एनएचएआई और राज्य सरकार को उनके सुरक्षित रख-रखाव, भोजन और इलाज का नया एक्शन प्लान पेश करना होगा।

अस्पतालों में एंटी-रैबीज वैक्सीन अनिवार्य

अदालत के कड़े रुख के बाद उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने भी कमर कस ली है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, मुख्य चिकित्साधिकारियों (सीएमओ) और अस्पताल अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि एंटी-रैबीज वैक्सीन और एंटी-रैबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (एआरआईजी) का पर्याप्त स्टॉक हर हाल में रहना चाहिए। यदि किसी मरीज के आने पर अस्पताल में वैक्सीन नहीं मिलती, तो संबंधित अस्पताल अधीक्षक के खिलाफ सीधी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल परिसरों से हटेंगे आवारा कुत्ते, तैनात होंगे नोडल अधिकारी

अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को आवारा कुत्तों और जानवरों से मुक्त रखने के लिए एक नई प्रणाली लागू की जा रही है। हर अस्पताल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जिसका नाम और मोबाइल नंबर अस्पताल के मुख्य गेट पर लिखा होगा।

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यह अधिकारी नगर निगम या संबंधित विभागों के साथ तालमेल बिठाकर परिसर से लावारिस जानवरों को हटवाएगा। यही नियम निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम पर भी लागू होगा। सीएमओ को पूरी व्यवस्था दुरुस्त कर महानिदेशालय में अनुपालन शपथ पत्र दाखिल करना होगा।

Location :  Prayagraj

Published :  5 August 2026, 10:44 AM IST

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