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सुल्तानपुर में बारिश का दोहरा खेल (Img- Dynamite News)
Sultanpur: सुल्तानपुर में मंगलवार की सुबह मौसम का मिजाज ऐसा बदला कि एक तरफ राहत की फुहारें बरसीं तो दूसरी तरफ नगर पालिका के दावों की पोल खुल गई। सुबह-सुबह करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने एक ही वक्त में दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कीं। जहां एक तरफ सूखे की मार झेल रहे किसानों के खेतों को जीवनदान मिल गया, वहीं दूसरी तरफ शहर के लोगों के लिए यही बारिश आफत की वजह बन गई।
जिले में इस बार मानसून की बेरुखी के कारण सामान्य से लगभग 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। सूखे की आहट से किसान अपनी धान की फसलों को लेकर बेहद चिंतित थे। लेकिन मंगलवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने संजीवनी बूटी का काम किया। खेतों में चारों तरफ लौटी हरियाली को देखकर किसानों के मुरझाए चेहरों पर खुशी लौट आई है। खेती-किसानी के लिहाज से यह बारिश किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई है।
सौभाग्य से चेहल्लुम के मौके पर अधिकांश सरकारी दफ्तर और स्कूल-कॉलेज बंद थे, जिससे स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वालों को बड़ी राहत मिली। लोगों ने घरों की छतों और बालकनियों से सुहावने मौसम का भरपूर आनंद लिया। हालांकि, बारिश के थमते ही शहर की असली तस्वीर सामने आई। मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों की गलियों तक पानी भर गया, जिससे गाड़ियां रेंगती नजर आईं और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सिर्फ दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम और सफाई व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी। नालों का गंदा पानी सड़कों पर आने से जनजीवन कुछ घंटों के लिए पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। अब स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर पूरे दिन बारिश हो गई तो शहर का क्या हाल होगा।
Location : Sultanpur
Published : 4 August 2026, 12:58 PM IST