नदियों ने बढ़ाई चिंता, सीतापुर के गांवों में पहुंचा बाढ़ का खतरा; नाव के सहारे चल रही जिंदगी!

सीतापुर में शारदा और घाघरा नदियों का बढ़ता जलस्तर अब ग्रामीण इलाकों के लिए चिंता का कारण बन गया है। बैराजों से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी का असर कई गांवों में दिखाई देने लगा है। कहीं रास्ते डूब गए हैं तो कहीं खेतों तक पानी पहुंच गया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 3 August 2026, 8:01 PM IST
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Sitapur: सीतापुर में शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बैराजों से छोड़े गए करीब तीन लाख क्यूसेक पानी का असर अब तटीय इलाकों में साफ नजर आने लगा है। हालांकि अभी दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन गांवों में जलभराव और कटान की स्थिति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

खेतों में पहुंचा बाढ़ का असर

जानकारी के मुताबिक, शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से पानी करीब 10 सेंटीमीटर प्रतिदिन बढ़ रहा है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ा है। करीब 150 बीघा कृषि भूमि पानी में डूब चुकी है, जिससे गन्ना और धान की फसलें प्रभावित होने लगी हैं।

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सबसे ज्यादा असर रामपुर मथुरा और रेउसा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। यहां कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। नगेधरपुरवा और बचऊपुरवा गांव के लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

20 से ज्यादा गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा

रेउसा क्षेत्र के करीब 20 से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है, क्योंकि पानी बढ़ने के साथ ही रास्तों और खेतों में परेशानी बढ़ती जा रही है। वहीं बेहटा विकासखंड के खाना मंडौर इलाके में नदी की कटान भी तेज हो गई है। नदी धीरे-धीरे जमीन को अपनी चपेट में ले रही है। ग्रामीण अपनी जमीन और फसल बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

कटान रोकने में जुटा प्रशासन

एसडीएम लहरपुर दामिनी एम. दास ने बताया कि कटान प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई विभाग की टीमें तैनात की गई हैं। कटान रोकने के लिए बालू से भरी बोरियों और जियो बैग का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। इसके बावजूद संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

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पानी बढ़ा तो बढ़ सकती है मुश्किल

अधिकारियों के मुताबिक, अगर बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला जारी रहता है तो तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Location :  Sitapur

Published :  3 August 2026, 8:01 PM IST

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