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प्रतिकात्मक फोटो (Img: Pinterest)
Sitapur: सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र में किशोरी से छेड़छाड़, धमकी और मारपीट के करीब छह साल पुराने मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपित नरेंद्र को दोषी ठहराते हुए पॉक्सो एक्ट समेत अलग-अलग धाराओं में कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, मामले में नामजद रामेश्वर और रामा को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
अभियोजन के मुताबिक, घटना 6 सितंबर 2020 की है। करीब 16 वर्षीय किशोरी खेत की ओर गई थी। आरोप था कि वहां नरेंद्र ने उसके साथ छेड़छाड़ की और उसकी फोटो खींची। किशोरी ने इसका विरोध किया तो उसके साथ गाली-गलौज की गई और धमकी दी गई। घर लौटने के बाद किशोरी ने अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद अगले दिन थाने पहुंचकर तहरीर दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने नरेंद्र के खिलाफ धारा 354, 323, 504 और 506 भादंसं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों को अदालत ने सुना। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने नरेंद्र को संबंधित धाराओं में दोषी माना।
विशेष न्यायालय ने नरेंद्र को पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत चार वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 323 में एक वर्ष का कारावास और 500 रुपये, धारा 504 में एक वर्ष का कारावास और 2 हजार रुपये तथा धारा 506 में दो वर्ष का कारावास और 2 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
अदालत ने अर्थदंड से प्राप्त राशि को पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने का आदेश भी दिया है। इससे मामले में पीड़िता को आर्थिक राहत मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
यह मामला वर्ष 2020 में दर्ज हुआ था और करीब छह साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार ने मामले में फैसला सुनाते हुए नरेंद्र को दोषी करार दिया और निर्धारित धाराओं में सजा सुनाई।
Location : Sitapur
Published : 17 September 2026, 7:21 PM IST