लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में प्रशांत चौधरी दोषी और संदीप कुमार बरी, अब 21 सितंबर को आएगा अंतिम फैसला

लखनऊ के चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में करीब आठ साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र अदालत ने बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को दोषी करार दिया, जबकि सह-आरोपी संदीप कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। प्रशांत की सजा की अवधि पर 21 सितंबर को सुनवाई होगी...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 17 September 2026, 6:02 PM IST
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Lucknow News: लखनऊ का चर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब 8 साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद जिला एवं सत्र अदालत ने गुरुवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाया। अदालत ने बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को विवेक तिवारी की मौत के मामले में दोषी करार दिया है। वहीं दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। प्रशांत चौधरी को कितनी सजा मिलेगी, इस पर 21 सितंबर को सुनवाई होगी।

सितंबर 2018 की रात क्या हुआ था?

मामला सितंबर 2018 की उस रात का है, जब एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी अपनी महिला सहकर्मी सना सिद्धिकी के साथ कार से घर लौट रहे थे। गोमती नगर एक्सटेंशन इलाके में गश्त कर रहे सिपाही प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने उनकी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया था।

अभियोजन के मुताबिक, गाड़ी तुरंत नहीं रुकने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया। इसी दौरान प्रशांत चौधरी ने गोली चलाई। गोली विवेक को लगी और उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई। अस्पताल ले जाने के बाद विवेक की मौत हो गई।

घटना के बाद मचा था हंगामा

पुलिसकर्मी द्वारा गोली चलाए जाने की खबर सामने आने के बाद पूरे देश में मामला चर्चा में आ गया था। पुलिस की कार्रवाई और बल प्रयोग को लेकर गंभीर सवाल उठे। दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार किया गया और बाद में बर्खास्त कर दिया गया। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की थी।

चश्मदीद सना की गवाही रही अहम

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने आठ गवाह पेश किए। विवेक के साथ कार में मौजूद सना सिद्धिकी की गवाही को मामले में महत्वपूर्ण माना गया। इसके अलावा विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी, पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों और जांच से जुड़े अधिकारियों के बयान भी अदालत में दर्ज किए गए। सना ने अप्रैल 2019 में अदालत में अपना बयान दर्ज कराया था।

करीब आठ साल चला मुकदमा

मामले की सुनवाई कई वर्षों तक चली। अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से गवाहों और साक्ष्यों पर बहस हुई। अंतिम दौर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मलखान सिंह की अदालत में दलीलें पूरी हुईं और 17 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया गया।

अब 21 सितंबर को सजा पर फैसला

अदालत ने प्रशांत चौधरी को दोषी करार दे दिया है, लेकिन अभी सजा की अवधि तय नहीं हुई है। इस पर 21 सितंबर को सुनवाई होगी। वहीं सह-आरोपी संदीप कुमार को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। इस फैसले के साथ करीब आठ साल पुराने इस चर्चित मामले में एक अहम न्यायिक चरण पूरा हो गया है।

Location :  Lucknow

Published :  17 September 2026, 6:02 PM IST

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