बेटों ने कर दिया मां-बाप का ‘बंटवारा’, 70 की पत्नी ने 75 साल के पति से मांगा तलाक, पढ़ें बुलंदशहर की दिल छूने वाली खबर

बुलंदशहर में चार बेटों ने बुजुर्ग माता-पिता को अलग-अलग रख दिया। करीब 50 साल साथ रहने वाले 70 वर्षीय महिला और 75 वर्षीय पति के बीच बुढ़ापे में दूरियां इतनी बढ़ीं कि पत्नी ने तलाक और भरण-पोषण की मांग कर दी। महिला परामर्श केंद्र में कई दौर की काउंसलिंग के बाद दोनों साथ रहने को तैयार नहीं हुए...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 17 September 2026, 4:43 PM IST
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Bulandshahr News: बुलंदशहर में एक ऐसा पारिवारिक मामला सामने आया है, जिसने बुढ़ापे में रिश्तों की बदलती तस्वीर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 50 साल तक साथ जीवन बिताने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला और उनके 75 वर्षीय पति को उनके ही बेटों ने अलग-अलग रहने पर मजबूर कर दिया। चार बेटों में दो मां को अपने साथ ले गए और दो पिता को अपने पास रख लिया। वक्त के साथ पति-पत्नी के बीच दूरियां बढ़ती गईं और बात इतनी बिगड़ी कि 70 वर्षीय पत्नी ने पति से तलाक और भरण-पोषण की मांग कर दी। मामला महिला परामर्श केंद्र पहुंचा, जहां दोनों को साथ लाने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं बनी।

चार बेटों ने बांट लिया मां-बाप

मामला सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। बुजुर्ग दंपती की शादी को करीब पांच दशक हो चुके हैं। दोनों ने जीवन के उतार-चढ़ाव साथ देखे और उनके चार बेटे हैं। बताया गया है कि सभी बेटे संपन्न हैं। बुजुर्ग दंपती को उम्मीद थी कि उम्र के इस पड़ाव पर बेटे उनका सहारा बनेंगे, लेकिन इसके उलट दोनों को अलग-अलग रखने की स्थिति बन गई।

दो बेटों के पास मां, दो के साथ पिता

दो बेटों ने मां को अपने पास रख लिया, जबकि दो बेटे पिता को अपने साथ ले गए। पति-पत्नी के बीच वर्षों का साथ अचानक अलगाव में बदल गया। अलग-अलग रहने के कारण दोनों के बीच बातचीत कम होती गई और धीरे-धीरे गलतफहमियां और पारिवारिक तनाव बढ़ने लगा।

फोन पर बातचीत भी बदल गई

जब कभी दोनों फोन पर बात करते या मुलाकात होती तो परिवार से जुड़े मुद्दों को लेकर उनके बीच नोकझोंक होने लगी। समय के साथ यह कड़वाहट बढ़ती गई। आखिरकार महिला ने पुलिस में शिकायत देकर पति से तलाक और भरण-पोषण की गुहार लगाई। 70 साल की उम्र में पत्नी की तलाक की मांग सामने आने पर मामला महिला परामर्श केंद्र भेजा गया।

काउंसलिंग के बाद भी नहीं बनी बात

महिला परामर्श केंद्र में काउंसलर्स ने दोनों से कई दौर की बातचीत की। कोशिश थी कि पुराने मतभेद दूर हों और बुजुर्ग दंपती दोबारा एक साथ रह सकें। हालांकि लंबे समय से अलग रहने के कारण पैदा हुई नाराजगी और गलतफहमियां दूर नहीं हो सकीं। दोनों ने साथ रहने से इनकार कर दिया।

हर महीने मिलेंगे 5 हजार रुपये

इसके बाद पुलिस और काउंसलर्स की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच एक सहमति बनी। बुजुर्ग पति अपनी पत्नी को हर महीने 5 हजार रुपये गुजारा भत्ता देने के लिए तैयार हो गए। इसी सहमति के आधार पर मामले का निस्तारण कर दिया गया।

महिला परामर्श केंद्र की प्रभारी अलका चौधरी के मुताबिक, विवाद की मुख्य वजह बेटों द्वारा माता-पिता को अलग-अलग रखना थी। दोनों को साथ रहने के लिए समझाया गया, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। इसके बाद पति के हर महीने गुजारा भत्ता देने पर सहमति बनी।

Location :  Bulandshahr

Published :  17 September 2026, 4:43 PM IST

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