चंद्रशेखरन को फिर मिली कमान, लेकिन नोएल टाटा ने खोल दिया मोर्चा! वोट को बताया ‘अवैध’

टाटा संस में चेयरमैन पद को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। एन. चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए फिर कमान मिल गई, लेकिन इस फैसले पर नोएल टाटा ने खुलकर विरोध जताया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 17 September 2026, 4:26 PM IST
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New Delhi: टाटा समूह के सबसे अहम फैसलों में से एक ने एक बार फिर कंपनी के अंदर चल रही खींचतान को सामने ला दिया है। टाटा संस के बोर्ड ने एन. चंद्रशेखरन को एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर अगले पांच साल के लिए दोबारा नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। लेकिन इस फैसले के साथ ही टाटा परिवार और ट्रस्ट्स के बीच मतभेद भी खुलकर सामने आ गया है।

सिर्फ नोएल टाटा ने किया विरोध

17 सितंबर 2026 को हुई टाटा संस बोर्ड की बैठक में चंद्रशेखरन के नए कार्यकाल पर वोटिंग हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रस्ताव के पक्ष में 4 वोट पड़े, जबकि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इसके खिलाफ वोट किया। यह फैसला खास इसलिए है क्योंकि चंद्रशेखरन ने कुछ हफ्ते पहले ही संकेत दिया था कि वह फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा चेयरमैन बनने की कोशिश नहीं करेंगे।

बोर्ड के अनुरोध और नामांकन प्रक्रिया के बाद उन्होंने अपना फैसला बदला और अगले कार्यकाल के लिए तैयार हो गए। अब वह टाटा संस की कमान पांच साल और संभालेंगे।

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नोएल टाटा ने वोट को बताया 'अवैध'

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा नोएल टाटा के विरोध की हो रही है। Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, नोएल टाटा ने कहा कि उन्होंने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति के खिलाफ वोट किया। उनका कहना है कि उनकी वीटो शक्ति को एक कानूनी राय के आधार पर खारिज किया गया और उन्होंने इस फैसले को गैरकानूनी बताते हुए अपनी असहमति दर्ज कराई है।

यानी बोर्ड का फैसला हो गया है, लेकिन कहानी यहीं खत्म होती नजर नहीं आ रही। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि टाटा ट्रस्ट्स आगे की बैठकों में इस नियुक्ति को चुनौती देने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं।

असली पेच कहां है? IPO पर भी मतभेद

टाटा संस के सामने सिर्फ चेयरमैन की नियुक्ति का मुद्दा नहीं है। कंपनी की शेयर बाजार में संभावित लिस्टिंग भी बड़ा सवाल बन चुकी है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस को लिस्टिंग से जुड़ी नियामकीय व्यवस्था से बाहर निकलने की उसकी कोशिश को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद कंपनी पर लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का दबाव बढ़ गया है।

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इसी पृष्ठभूमि में 17 सितंबर की बोर्ड बैठक बेहद अहम रही। कुछ रिपोर्टों के अनुसार टाटा संस ने लिस्टिंग की दिशा में कदम बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जबकि दूसरी रिपोर्टों में कहा गया कि लिस्टिंग पर अलग से अंतिम प्रस्ताव पारित नहीं हुआ।

Location :  New Delhi

Published :  17 September 2026, 4:26 PM IST

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