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टाटा संस में बड़ा फेरबदल (Img: X)
New Delhi: टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टाटा ग्रुप में लीडरशिप को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि चंद्रशेखरन के बाद टाटा ग्रुप की कमान कौन संभालेगा। उनके इस फैसले ने देश के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप में से एक की भविष्य की लीडरशिप को लेकर चर्चा छेड़ दी है।
एन. चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल 20 फरवरी, 2027 को खत्म होने वाला है। टाटा संस के चेयरमैन बने रहने के लिए उन्हें कंपनी के बोर्ड में डायरेक्टर के तौर पर फिर से चुने जाने की जरूरत है। उम्मीद है कि 18 अगस्त को होने वाली सालाना आम बैठक (AGM) में शेयरहोल्डर्स इस प्रस्ताव पर वोट करेंगे।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड के अंदर उनकी दोबारा नियुक्ति को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई। इसे देखते हुए चंद्रशेखरन ने दूसरा कार्यकाल न लेने का फैसला किया और बोर्ड से अपने उत्तराधिकारी को चुनने के लिए कहा है।
लीडरशिप को लेकर बन रहे इस हालात को टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के साथ कुछ मुद्दों पर मतभेदों से भी जोड़ा जा रहा है। टाटा ट्रस्ट्स, टाटा संस का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है और ग्रुप की रणनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है।
बोर्ड ने पहले फरवरी में चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर फैसला टाल दिया था। रिपोर्ट्स में कहा गया था कि ग्रुप के कुछ नए बिज़नेस वेंचर्स के परफॉर्मेंस को लेकर चिंताएं जताई गई थीं। हालांकि, इन अटकलों के बीच टाटा ग्रुप की ओर से नए चेयरमैन को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की गई है।
चंद्रशेखरन लगभग चार दशकों से टाटा ग्रुप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 1987 में ग्रुप के साथ अपना करियर शुरू किया था। बाद में वे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO बने और कंपनी के ग्लोबल विस्तार में अहम भूमिका निभाई।
उन्हें 2017 में टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उनकी लीडरशिप में, ग्रुप ने अपने मौजूदा टेक्नोलॉजी बिजनेस के साथ-साथ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सेमीकंडक्टर्स और एयरलाइंस जैसे नए सेक्टरों में विस्तार पर ज़ोर दिया।
अगर चंद्रशेखरन पद छोड़ते हैं, तो टाटा ग्रुप को ऐसे लीडर की ज़रूरत होगी जो मौजूदा कामकाज को संभालने के साथ-साथ नए सेक्टर में निवेश और विस्तार की रणनीतियों को भी आगे बढ़ा सके। इसीलिए अब सबकी नजरें बोर्ड के अगले फैसले पर टिकी हैं।
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अभी यह साफ नहीं है कि नया चेयरमैन ग्रुप के अंदर से चुना जाएगा या बाहर से किसी अनुभवी बिजनेस लीडर को नियुक्त किया जाएगा। टाटा संस का यह फैसला ग्रुप की भविष्य की दिशा के लिए बहुत अहम माना जा रहा है।
चंद्रशेखरन के भविष्य से जुड़ी खबरों का असर टाटा ग्रुप की कई लिस्टेड कंपनियों के शेयर की कीमतों पर भी पड़ा। बुधवार के ट्रेडिंग सेशन के दौरान, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, TCS, टाइटन और टाटा पावर के शेयरों में गिरावट का दबाव देखा गया।
हालांकि शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह सिर्फ लीडरशिप में बदलाव की खबरों को मानना जल्दबाजी होगी। निवेशक अब लीडरशिप को लेकर टाटा संस के अगले कदम और नए चेयरमैन के तहत ग्रुप की रणनीति में क्या बदलाव आ सकते हैं इस पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।
Location : New Delhi
Published : 12 August 2026, 12:09 PM IST