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सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट (सोर्स- Pinterest)
New Delhi: घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट का दौर देखने को मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर उपजे तनाव और आर्थिक दबाव के चलते निवेशकों की संपत्ति को बड़ा नुकसान हुआ है। शुरुआती कारोबार के दौरान ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 700 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करता नजर आया।
भारतीय शेयर बाजार में इस गिरावट के पीछे कई बड़े वैश्विक और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं-
पश्चिम एशिया का तनाव: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित हुआ है, जिससे कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है। परिणामस्वरूप, कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं।
रुपये में कमजोरी: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार कमजोर हो रहा है और यह 96.14 के स्तर को पार कर चुका है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी आने के कारण विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार से पैसे निकालकर बाहर जा रहे हैं। सितंबर महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे हैं।
आज सेंसेक्स 200 अंकों की गिरावट के साथ 72,633.68 के स्तर पर खुला था। सुबह 9 बजकर 37 मिनट पर यह 704.88 अंक (0.97%) की भारी गिरावट के साथ 72,066.84 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी ने 22,732.45 पर कारोबार शुरू किया और सुबह 9 बजकर 39 मिनट पर 203.55 अंक (0.89%) फिसलकर 22,576.70 के स्तर पर आ गया। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से अधिकांश में बिकवाली का दबाव देखा गया।
शुरुआती कारोबार के दौरान चुनिंदा शेयरों को छोड़कर ज्यादातर कंपनियों के शेयरों में लाल निशान पर कारोबार हुआ।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयर: इस दौरान सनफार्मा (0.20%) और अडानी पोर्ट्स (0.12%) मामूली बढ़त के साथ टॉप गेनर्स रहे। वहीं, बजाज फाइनेंस (2.05%), एचडीएफसी बैंक (1.57%), कोटक महिंद्रा बैंक (1.38%), रिलायंस इंडस्ट्रीज (1.29%) और इन्फोसिस (1.24%) टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
निफ्टी के प्रमुख शेयर: निफ्टी पर डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (1.19%), सिप्ला (0.42%) और सनफार्मा (0.22%) हरे निशान पर रहे। इसके विपरीत, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (2.73%), एचडीएफसी लाइफ (2.33%), जियो फाइनेंस (2.18%), बजाज फाइनेंस (2.16%) और विप्रो (1.58%) में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की इस सुस्ती का सीधा असर निवेशकों की जेब पर पड़ा है। बीते कारोबारी सत्र यानी सोमवार को बाजार बंद होने पर बीएसई (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 474 लाख करोड़ रुपये रह गया था। अकेले सोमवार को निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए थे।
इस मंदी के माहौल के बीच जानकारों की नजरें लगातार वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर टिकी हुई हैं।
Location : New Delhi
Published : 29 September 2026, 10:42 AM IST