Tata Group Chairman Resigned: टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन का इस्तीफा, AGM से पहले खलबली

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वह फरवरी 2027 तक अपने मौजूदा कार्यकाल में पद पर बने रहेंगे। उनका फैसला टाटा ट्रस्ट्स के साथ मतभेद और आगामी बैठक से पहले नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आया है। अब उत्तराधिकारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 12 August 2026, 11:44 AM IST
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New Delhi: टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल पूरा होने तक पद पर बने रहेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब टाटा संस के नेतृत्व और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेदों की चर्चा तेज है।

अचानक क्यों आया इस्तीफे का फैसला?

एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस बोर्ड को अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। सूत्रों के मुताबिक, उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है और वह तब तक चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। इस्तीफे की खबर टाटा संस की आगामी वार्षिक आम बैठक से पहले सामने आई है।

चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस की कमान संभाली थी। इससे पहले वह TCS के CEO रह चुके थे। टाटा समूह के इतिहास में वह टाटा परिवार से बाहर के पहले व्यक्ति थे जिन्हें टाटा संस का चेयरमैन बनाया गया।

टाटा ट्रस्ट्स के साथ मतभेद की चर्चा

चंद्रशेखरन के इस्तीफे के पीछे टाटा ट्रस्ट्स के साथ मतभेद को अहम वजहों में से एक माना जा रहा है। टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिपोर्टों के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और चंद्रशेखरन के बीच टाटा संस की भविष्य की रणनीति और संभावित लिस्टिंग जैसे मुद्दों पर मतभेद रहे हैं।

18 अगस्त को प्रस्तावित बैठक से पहले चंद्रशेखरन के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। ऐसे में उनके इस्तीफे ने टाटा समूह के नेतृत्व को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

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चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा ने बढ़ाया कारोबार

चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने कई क्षेत्रों में विस्तार किया। उनके कार्यकाल में टाटा ने एयर इंडिया का अधिग्रहण किया और सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी, डिजिटल कारोबार और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया।

टाटा समूह के अनुसार, FY20 में समूह का कुल राजस्व करीब 7.89 लाख करोड़ रुपये था, जो FY26 में बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट भी करीब 32,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.71 लाख करोड़ रुपये हुआ।

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आगे क्या होगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि फरवरी 2027 के बाद टाटा संस की कमान किसके हाथ में जाएगी। फिलहाल चंद्रशेखरन अपने मौजूदा कार्यकाल तक पद पर बने रहेंगे। उनके उत्तराधिकारी को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है।

टाटा समूह की कंपनियों के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टाटा संस समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और TCS, Tata Motors तथा Air India समेत कई बड़े कारोबारों की रणनीतिक दिशा पर इसका प्रभाव पड़ता है।

Location :  New Delhi

Published :  12 August 2026, 11:38 AM IST

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