सड़क पर बिखरे 3.5 लाख के ब्रिटानिया और 50-50 बिस्कुट, हमीरपुर में जब अधिकारियों ने खोला राज, तो उड़ गए होश

हमीरपुर के मौदहा नगर में सुबह दुकान के बाहर का नजारा देखकर लोगों के बीच अचानक चर्चा शुरू हो गई। बड़ी कंपनियों के बिस्कुट बड़ी मात्रा में बाहर पड़े थे। मामला प्रशासन तक पहुंचा तो अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद जांच-पड़ताल में जो जानकारी सामने आई, उसने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 17 September 2026, 7:10 PM IST
google-preferred

Hamirpur: उत्तर प्रदेश के जनपद हमीरपुर के मौदहा नगर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक दुकान के बाहर बड़ी मात्रा में बिस्कुट के पैकेट फैले दिखाई दिए। पैकेटों पर ब्रिटानिया और 50-50 जैसी कंपनियों के नाम देखकर आसपास के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोगों को जब मामला संदिग्ध लगा तो इसकी सूचना प्रशासन को दी गई। जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू की।

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी

सूचना मिलने के बाद उप जिलाधिकारी (SDM) करणवीर सिंह, नायब तहसीलदार और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) राजकुमार पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की और बिस्कुट के पैकेटों के बारे में जानकारी ली। शुरुआती तौर पर बाहर इतनी बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री देखकर स्थिति को लेकर सवाल उठे। इसके बाद एजेंसी संचालक से माल के संबंध में जानकारी ली गई।

ये भी पढ़ें: Hamirpur: सड़क किनारे मिला युवक का शव, पत्नी से विवाद और दहेज केस के बीच मौत ने खड़े किए कई सवाल

पूछताछ में सामने आई अलग वजह

पूछताछ के दौरान एजेंसी संचालक की ओर से बताया गया कि बाहर रखा गया माल एक्सपायरी हो चुका है। इसे बिक्री के लिए नहीं रखा गया था, बल्कि संबंधित कंपनी को वापस भेजने की प्रक्रिया के तहत बाहर रखा गया था। बताया गया कि एक्सपायरी हो चुके बिस्कुट ब्रिटानिया और 50-50 जैसी कंपनियों के थे। इनकी अनुमानित कीमत करीब 3.5 लाख रुपये बताई गई। माल को कंपनी को वापस भेजे जाने की जानकारी मिलने के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने गोदाम और वहां रखे अन्य सामान की भी जांच की।

गोदाम की व्यवस्था पर SDM ने जताई नाराजगी

जांच के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने एजेंसी के गोदाम का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वहां माल के रखरखाव की व्यवस्था को लेकर उप जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। बताया गया कि गोदाम में सामान रखने और उसके रखरखाव की व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं थी। अधिकारियों ने एजेंसी संचालक को व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

एक साल से एक्सपायरी माल को लेकर सवाल

जांच के दौरान एक और बात सामने आई। बताया गया कि गोदाम में करीब एक साल से एक्सपायरी माल पड़ा हुआ था। इस माल का समय पर ऑडिट नहीं होने को लेकर भी प्रशासन ने सवाल उठाए। उप जिलाधिकारी ने मामले में आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं होने पर लाइसेंस निरस्त किए जाने की बात कही। इस जानकारी के बाद स्थानीय व्यापारियों में भी हड़कंप की स्थिति देखने को मिली।

मौके पर मौजूद रहे खाद्य विभाग के अधिकारी

पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित कंपनियों के ऑडिटर और खाद्य विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर रखे माल और गोदाम की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से खाद्य सामग्री के रखरखाव और एक्सपायरी माल से जुड़े नियमों को लेकर भी स्थिति देखी गई।

ये भी पढ़ें: Hamirpur: कृष्ण आगे-आगे और शिव की बारात पीछे, सुमेरपुर में 5 लाख श्रद्धालुओं ने देखा अनोखा नजारा

व्यापारियों में बढ़ी चिंता

घटना के बाद मौदहा नगर के व्यापारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई। खासकर खाद्य सामग्री का कारोबार करने वाले दुकानदार और एजेंसी संचालक एक्सपायरी माल के रखरखाव और समय पर ऑडिट को लेकर सतर्क नजर आए। फिलहाल मौके पर रखे बिस्कुट को एजेंसी संचालक की ओर से कंपनी को वापस भेजे जाने वाला एक्सपायरी माल बताया गया है। वहीं, गोदाम के रखरखाव और लंबे समय से पड़े एक्सपायरी माल को लेकर प्रशासन की जांच आगे क्या रूप लेती है, इस पर नजर बनी हुई है।

Location :  Hamirpur

Published :  17 September 2026, 7:10 PM IST

Related News

Advertisement