Sawan 2026: सावन में महाकाल, विश्वनाथ या बैद्यनाथ धाम? जानें इन तीन प्रमुख धामों में से आपके लिए कौन सा रहेगा बेस्ट
सावन के पावन महीने में उज्जैन के महाकालेश्वर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ और देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा की योजना बना रहे हैं? जानिए दर्शन व्यवस्था, ठहरने के विकल्प, यात्रा के साधन और ज़रूरी सावधानियों की पूरी जानकारी!
सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु प्रसिद्ध शिवालयों की ओर रुख करते हैं। मध्य प्रदेश का उज्जैन, उत्तर प्रदेश का वाराणसी और झारखंड का देवघर इस मौसम में भक्ति का मुख्य केंद्र बन जाते हैं। हालांकि, इन प्रमुख तीर्थस्थलों पर भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए यात्रा को सहज बनाने के लिए पूर्व योजना, सही समय का चयन और ज़रूरी जानकारियों का होना बेहद आवश्यक है। (Img- Pinterest)
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महाकाल की नगरी उज्जैन में सावन के दौरान अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण रहता है। यहाँ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में विशेष पूजन और प्रसिद्ध भस्म आरती के दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ता है। यदि आप भस्म आरती में शामिल होना चाहते हैं, तो इसकी अग्रिम ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया और नियमों की जानकारी पहले से लें। महाकाल कॉरिडोर, हरसिद्धि मंदिर, काल भैरव और राम घाट के दर्शन के लिए सुबह जल्दी निकलना भीड़ से बचने का सबसे बेहतर उपाय है। (Img- Pinterest)
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वाराणसी यानी काशी केवल एक तीर्थस्थान नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक संस्कृति का जीवंत केंद्र है। सावन में काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के साथ-साथ दशाश्वमेध घाट की भव्य गंगा आरती और अस्सी घाट का भ्रमण यात्रा को यादगार बनाता है। मानसून के मौसम में गंगा के घाटों पर अत्यधिक फिसलन हो जाती है, इसलिए सुरक्षित और आरामदायक जूते पहनना ज़रूरी है। इसके अलावा, बनारस की तंग गलियों में घूमते समय अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें। (Img- Pinterest)
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झारखंड का देवघर सावन के महीने में ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ का अभिषेक करने पहुँचते हैं। यदि आप पहली बार देवघर जा रहे हैं, तो अत्यधिक भीड़ वाले मुख्य दिनों के बजाय सामान्य दिनों में यात्रा की योजना बनाएं। अपने साथ हल्का सामान, आवश्यक पहचान पत्र और ज़रूरी प्राथमिक दवाइयां रखना बहुत ही फायदेमंद साबित होगा। (Img- Pinterest)
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सावन के दौरान इन धार्मिक स्थलों पर होटल, धर्मशालाएं और ट्रेन-फ्लाइट की टिकटें तेज़ी से बुक हो जाती हैं। इसलिए अपनी यात्रा से काफी समय पहले ठहरने और यातायात का इंतजाम कर लें। मानसून को ध्यान में रखते हुए छाता, रेनकोट, अतिरिक्त कपड़े और वाटरप्रूफ बैग साथ रखना न भूलें। यदि आपके साथ वरिष्ठ नागरिक या छोटे बच्चे यात्रा कर रहे हों, तो उनके आराम और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यात्रा का शेड्यूल थोड़ा लचीला रखें। (Img- AI)