बाप रे बाप! देशभर में 800 करोड़ की ठगी, UP STF ने किया वेस्ट यूपी के सबसे बड़े गैंग का खुलासा

उत्तर प्रदेश STF ने क्रिप्टो और विदेशी मुद्रा में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए लोगों को करोड़ों का चूना लगाया। अब तक 700-800 करोड़ रुपये के फंड के लेनदेन की बात सामने आई है और जांच जारी है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 9 April 2026, 6:48 PM IST
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Ghaziabad: ऑनलाइन निवेश के नाम पर चल रही एक बड़ी ठगी का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने ऐसे गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है, जिसने लोगों को रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये हड़प लिए। सहारनपुर के एक रेस्टोरेंट से दबोचे गए आरोपी के खुलासों ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। यह पूरा खेल क्रिप्टो करेंसी और विदेशी मुद्रा में निवेश के नाम पर चल रहा था, जिसमें हजारों लोग फंस चुके हैं।

ऐसे रचा गया ठगी का जाल

गिरफ्तार आरोपी जतीन्द्र राम ने पूछताछ में बताया कि वह खुद इस गिरोह का सरगना है और अपने साथियों के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता था। ‘SEA PRIME CAPITAL’ नाम की ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी और ‘एजुकेण्डल’ नाम की संस्था के जरिए लोगों को जोड़ा जाता था। सोशल मीडिया, सेमिनार और एजेंटों के जरिए अच्छे रिटर्न का लालच देकर निवेश कराया जाता था।

गिरोह लोगों से 50 हजार रुपये या उससे ज्यादा रकम कैश में लेता था और उन्हें MT-5 नाम के एक ऐप पर फर्जी आईडी बनाकर देता था। इस ऐप का पूरा कंट्रोल गिरोह के पास होता था, जिससे निवेशकों को नकली मुनाफा दिखाया जाता था और उन्हें ज्यादा निवेश के लिए उकसाया जाता था।

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विदेशों में ट्रांसफर होता था पैसा

जांच में सामने आया है कि ठगी से जुटाए गए पैसे को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर दुबई और मॉरिशस जैसे देशों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। वहां इस रकम को स्थानीय मुद्रा में बदलकर संपत्तियां खरीदी जाती थीं, ताकि भारत में कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। भारत में पैसे को वैध दिखाने के लिए फर्जी और शेल कंपनियों का सहारा लिया जाता था।

700-800 करोड़ का खेल, 3500 एजेंट सक्रिय

एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह ने देशभर में करीब 3500 एजेंटों का नेटवर्क तैयार कर रखा था। अब तक 30 हजार से ज्यादा फर्जी आईडी बनाई जा चुकी हैं और 700 से 800 करोड़ रुपये का फंड जुटाया गया है। यह रकम पूरी तरह गिरोह के नियंत्रण में थी।

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फिलहाल आरोपी को गाजियाबाद के मसूरी थाने में दर्ज मामले में दाखिल कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद साफ है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर चल रही ठगी के खिलाफ एजेंसियां अब सख्त रुख अपना रही हैं।

Location :  Ghaziabad

Published :  9 April 2026, 6:48 PM IST

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