117 मौतें, तबाही और राहत आयुक्त विदेश में! योगी ने रिपोर्ट मांगी तो खुल गई बड़ी पोल

उत्तर प्रदेश में 13 मई की आंधी-तूफान आपदा में 117 लोगों की मौत के बीच राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के विदेश दौरे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल से जवाब तलब किया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 30 May 2026, 4:46 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में 13 मई को आए भीषण आंधी-तूफान ने 117 लोगों की जान ले ली और कई जिलों में भारी तबाही मचाई। इसी बीच प्रदेश के राहत आयुक्त के विदेश दौरे को लेकर बड़ा प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी के संवेदनशील समय में विदेश जाने की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ी नाराजगी जताई है। मामला इतना गंभीर माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने सीधे मुख्य सचिव से जवाब तलब कर लिया है।

आंधी-तूफान में गई थीं 117 लोगों की जान

13 मई को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने व्यापक तबाही मचाई थी। इस प्राकृतिक आपदा में 117 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि बड़ी संख्या में मकान, बिजली व्यवस्था और कृषि फसलें प्रभावित हुई थीं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में राहत और बचाव कार्य चल रहे थे। प्रभावित परिवारों को सहायता राशि पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने का काम प्रशासनिक स्तर पर जारी था।

15 से 23 मई तक विदेश में रहे राहत आयुक्त

जानकारी के अनुसार राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद ने 14 मई को आधे दिन तक कार्यालय में कार्य किया। इसके बाद वह 15 मई से 23 मई तक नौ दिनों के लिए विदेश यात्रा पर चले गए। राहत आयुक्त का पद आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में प्रदेश में आपदा की स्थिति के दौरान उनके विदेश में होने को लेकर सवाल उठने लगे।

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रिपोर्ट मांगी गई तो सामने आई जानकारी

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंधी-तूफान प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की समीक्षा के लिए रिपोर्ट मांगी थी। इसमें मृतकों के परिजनों को मुआवजा वितरण, राहत सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी गई थी। बताया जाता है कि जब रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हुई तो अधिकारियों ने जानकारी दी कि राहत आयुक्त अवकाश पर विदेश गए हुए हैं। इसके बाद मामले की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंची और उन्होंने इसकी विस्तृत जानकारी तलब की।

मुख्य सचिव से मांगा गया जवाब

जांच में यह बात सामने आई कि राहत आयुक्त की विदेश यात्रा को मंजूरी मुख्य सचिव S. P. Goyal की ओर से दी गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस अनुमति को लेकर मुख्य सचिव से जवाब मांगा। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा था और बड़ी जनहानि हुई थी, तब इतने महत्वपूर्ण पद पर तैनात अधिकारी को विदेश जाने की अनुमति किस आधार पर दी गई।

मुख्य सचिव ने रखा अपना पक्ष

मामले में मुख्य सचिव की ओर से यह दलील दी गई है कि राहत आयुक्त की विदेश यात्रा की अनुमति प्रधानमंत्री की अपील से पहले ही स्वीकृत कर दी गई थी। इसलिए बाद में उसे निरस्त नहीं किया गया। सूत्रों के अनुसार मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री के सामने यही तर्क रखा कि अनुमति पूर्व में दी जा चुकी थी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत यात्रा स्वीकृत हुई थी।

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राहत आयुक्त के बयान ने बढ़ाई चर्चा

विवाद के बीच राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद का बयान भी चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह कहां गए थे, इसकी जानकारी वह नहीं देंगे। उनका कहना था कि यह जानकारी जहां से प्राप्त हुई है, वहीं से पूछी जानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई।

Location :  Lucknow

Published :  30 May 2026, 4:46 PM IST

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