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सोनभद्र: यूपी के सोनभद्र में बुधवार को सरकारी मिशनरी की घोर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। दरअसल विभाग ने जीवित व्यक्तियों को सरकारी कागज में मृत घोषित कर दिया। जिससे एक दर्जन से अधिक जीवित व्यक्ति पेंशन पाने के लिए समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। डीएम के संज्ञान में मामला आने के बाद जांच शुरु हो गई है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार मामला घोरावल ब्लॉक के देवरी खुर्द गांव का है।

जानकारी के अनुसार घोरावल ब्लॉक के देवरी खुर्द गांव के 13 लोगों का नाम सरकारी कागज में मृत दिखाया गया। जिससे लाभार्थियों की समाज कल्याण से मिलने वाली पेंशन बंद हो गई।
सरकारी सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़े लाभार्थियों को जब मृत होने की जानकारी मिली तो उनके नाराजगी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने इस बाबत डीएम से शिकायत की और मामले की जांच की मांग की ।

लाभार्थियों ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में खेत भी नहीं है जिससे यह खेती कर सके और अपना जीवन यापन चला सके, जीवन चलाने के लिए सरकार से कुछ सहयोग मिल रहा था लेकिन कुछ लोगों को रास नहीं आया और वह हम लोगों को जिंदा ही मार दिए।
ग्रामीण रामखेलावन ने बताया कि जब उनकी पेंशन का पैसा नहीं आया तो वह ब्लॉक में पता करने गए। वहां जाकर उन्हें मालूम हुआ कि ब्लॉक में जो सरकारी रिकॉर्ड है उसमें उनके नाम के आगे मृत लिखा हुआ था। यह देखकर ब्लॉक कर्मचारी भी अवाक रह गए उनको समझ में नहीं आया कि जिस व्यक्ति का नाम वह मृत दिख रहा है वह सामने खड़ा है।
लाभार्थी संतु राम ने बताया कि उन्हें 1 वर्ष से पेंशन नहीं मिली है। जब वह इस बाबत समाज कल्याण विभाग गए तो विभाग के कर्मियों ने बताया कि संतु राम नामक शख्स की मौत हो गई। जिस पर वे कर्मचारियों पर भड़क गए कि वह तो अभी जिंदा है।
जिलाधिकारी बद्रीनाथ ने बताया कि कुछ ग्रामीण वृद्ध पेंशन न मिलने की शिकायत लेकर उनके पास आए थे। वृद्ध पेंशन को लेकर वह शिकायत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि समाज कल्याण अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि किस अधिकारी के स्तर से यह रिपोर्ट दी गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही होगी।
जानकारी के अनुसार कुछ समय पहले जनपग के शक्तिनगर क्षेत्र में एक बुजुर्ग का नाम सरकारी कागज से काट कर मृत घोषित कर दिया गया था। जिससे उनकी सरकारी योजनाएं रुक गई थीं। आर्थिक तंगी और अकेले होने की वजह से शख्स की मौत हो गई।
बताते चलें कि ग्राम पंचायत में किसी सरकारी कागज में किसी शख्स को सत्यापन कर मृत घोषित करने का कार्य प्रधान व सचिव के स्तर से किया जाता है।
Published : 18 December 2024, 11:34 AM IST
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