आप में क्यों पड़ी फूट, क्या है अंदरखाने की कहानी

आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत एक तिहाई सदस्यों ने पार्टी से भाजपा को ज्वाइन किया है। यह केवल एक व्यक्तिगत इस्तीफा नहीं है, बल्कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के अस्तित्व के लिए एक बड़ा संकट भी है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 24 April 2026, 5:45 PM IST
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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत दो तिहाई सदस्यों ने पार्टी से भाजपा को ज्वाइन किया है। यह केवल एक व्यक्तिगत इस्तीफा नहीं है, बल्कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के अस्तित्व के लिए एक बड़ा संकट भी है। चड्ढा के साथ अशोक मित्तल और संदीप पाठक जैसे कद्दावर नेताओं ने भी पार्टी को अलविदा कह दिया है।

आम आदमी पार्टी ने हाल ही में सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया था, जिसके बाद से ही राघव सुर्खियों में हैं। अब इस मामले पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भी रिएक्शन सामने आया है।

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फूट क्यों पड़ी?
कुछ ही दिन पहले AAP ने चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता पद से हटा दिया। आरोप था कि वे सरकार के खिलाफ अहम मुद्दे नहीं उठा रहे और 'सॉफ्ट PR' कर रहे हैं। उनकी जगह जिसे उप नेता बनाया गया, वही अशोक मित्तल आज उनके साथ भाजपा में विलय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।

पार्टी संसदीय दल का उप नेता बनाए जाने के बाद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी हुई थी। छापेमारी को अभी दस दिन भी नहीं हुए हैं और आज मित्तल ने भी भाजपा में शामिल होने का एलान कर दिया।

राघव चड्ढा अरविंद केजरीवाल के काफी नजदीकी माने जाते थे। आंदोलन के समय से दोनों साथ थे। चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से अपनी राजनीति शुरू की थी। दरअसल, केजरीवाल और राघव चड्ढा में दूरियां उसी दिन से नजर आने लगी थीं जब केजरीवाल जेल में थे और राघव अपनी पत्नी परणिति के साथ लंदन चले गए थे।

तब उन्होंने कहा था कि वो अपनी आंख का इलाज कराने के लिए लंदन गए हुए हैं। राघव को लोकसभा चुनाव में भी पंजाब से दूर रखा गया। औपचारिक तौर पर वे श्री आनंदपुर साहब सीट पर नजर आए थे। पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा पार्टी के अहम मुद्दों पर अपेक्षाकृत शांत नजर आ रहे थे।

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सियासी हलकों में मच हड़कंप

पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र भी लिखा कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने का समय अब न दिया जाए। इस कदम के बाद पार्टी के अंदर असंतोष और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस कदम के बाद पार्टी के अंदर असंतोष और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Location :  New Delhi

Published :  24 April 2026, 5:45 PM IST

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