हिंदी
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Img: Freepik)
Prayagraj: रीवा एक्सप्रेस में कथित हमले के मामले में दर्ज शिकायत की जांच पूरी होने के बाद राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बड़ा फैसला लिया है। जांच में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को क्लीन चिट दे दी गई है। यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य पर अपने ऊपर हमला करवाने का गंभीर आरोप लगाया था।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया था कि वह 7 मार्च की रात गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर प्रयागराज आ रहे थे। उनके अनुसार, 8 मार्च की सुबह जब ट्रेन कौशाम्बी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया था कि हमलावर उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचाना चाहते थे और खुद को बचाने के लिए उन्हें ट्रेन के टॉयलेट में छिपना पड़ा। घटना में घायल होने की बात भी उन्होंने कही थी। मामले की शिकायत मिलने के बाद जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
रातों-रात घर के सामने से गायब हुई बाइक, 13 दिन बाद भी नहीं लगा सुराग; आखिर कहां अटकी पुलिस की जांच?
मामले की विवेचना के दौरान जीआरपी ने कई पहलुओं की गहराई से जांच की। ट्रेन में मौजूद यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई। उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों का विश्लेषण करने के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान ऐसी कोई ठोस सामग्री नहीं मिली जिससे यह साबित हो सके कि शंकराचार्य या उनके किसी कथित सहयोगी का इस घटना से संबंध था। इसके बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए आरोपों को निराधार पाया।
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में रहा क्योंकि आशुतोष ब्रह्मचारी पहले शंकराचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटा चुके थे। ऐसे में हमले के आरोपों ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में भी काफी चर्चा बटोरी थी।
गोरखपुर: चोरी-छिनैती गैंग पर पुलिस का शिकंजा, दो शातिर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
Location : Prayagraj
Published : 18 June 2026, 6:43 PM IST