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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Img : Google)
Pilibhit : ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में अपनी गोरक्षा धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर परोक्ष निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में संन्यासी का मूल दायित्व धर्म की रक्षा, धर्म का प्रचार-प्रसार और समाज का मार्गदर्शन करना होता है, न कि सत्ता का संचालन करना। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि किसी भी संप्रदाय का व्यक्ति जब संन्यास ग्रहण करता है तो वह सांसारिक और संस्कारिक पदों का त्याग कर देता है। इसके बाद उसका जीवन केवल सनातन धर्म की रक्षा और लोककल्याण के लिए समर्पित होता है। उन्होंने कहा कि नाथ संप्रदाय से जुड़े योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद पर हैं, जिसे उन्होंने अपने संप्रदाय की परंपरा के विपरीत बताया।
शंकराचार्य ने कहा कि देश में गोमाता की हत्या पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व की बात करने वाली सरकारों को गोसंरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उनका कहना था कि यदि सरकार इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं करती है तो समाज को स्वयं जागरूक होकर गोसेवा के लिए प्रतिबद्ध नेतृत्व का समर्थन करना होगा।
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शंकराचार्य की गोरक्षा धर्मयुद्ध यात्रा बुधवार दोपहर पीलीभीत पहुंची, जहां बड़ी संख्या में अनुयायियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान पुष्पवर्षा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने गोसंरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने पीलीभीत को गोमती नदी के उद्गम से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए यहां गोआश्रय स्थापित करने की भी अपील की।
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, जगदेव सिंह जग्गा, आनंद सिंह यादव, सतनाम सिंह, मोहम्मद आरिफ, सुधीर तिवारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा समेत कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। शंकराचार्य ने लोगों से गोसेवा का संकल्प लेने और गोसंरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
Location : Pilibhit
Published : 1 July 2026, 9:53 PM IST