सेवा, समर्पण और मुस्कान से जीत रहे दिल: देवघर के डॉ. शरद बने जनसेवा और स्वास्थ्य व्यवस्था की मिसाल

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर देवघर के वरिष्ठ दंत चिकित्सक एवं नोडल पदाधिकारी डॉ. शरद ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, संतुलित भोजन और डॉक्टर की सलाह से ही बेहतर स्वास्थ्य संभव है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 1 July 2026, 8:30 PM IST
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Deoghar: झारखंड के देवघर जिले के वरिष्ठ दंत चिकित्सक एवं नोडल पदाधिकारी डॉ. शरद इसी सोच के साथ वर्षों से स्वास्थ्य सेवा में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। मूल रूप से बिहार के निवासी डॉ. शरद ने अपनी कर्मभूमि देवघर को बनाया और आज वे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था का एक भरोसेमंद चेहरा बन चुके हैं। डॉक्टर केवल इलाज नहीं करता, बल्कि समाज को स्वस्थ जीवन की दिशा भी देता है। 

वर्षों की सेवा, मरीजों का अटूट विश्वास

कई वर्षों से चिकित्सा सेवा से जुड़े डॉ. शरद ने हजारों मरीजों का सफल उपचार किया है। एक कुशल दंत चिकित्सक होने के साथ-साथ उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को भी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया। मरीजों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सरल व्यवहार और सेवा भावना ने उन्हें समाज में अलग पहचान दिलाई है।

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कोरोना काल में निभाई फ्रंटलाइन योद्धा की भूमिका

कोरोना महामारी के दौरान जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा था, तब डॉ. शरद ने नोडल पदाधिकारी के रूप में दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर न केवल बेहतर समन्वय स्थापित किया, बल्कि आम लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का भी निरंतर प्रयास किया।

कई जिम्मेदारियां, हर मोर्चे पर सफलता

स्वास्थ्य विभाग में जहां-जहां उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गईं, वहां उन्होंने अपनी कार्यकुशलता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का उत्कृष्ट परिचय दिया। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है।

मुख्यमंत्री सहित कई अधिकारियों से हो चुके हैं सम्मानित

स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्ट योगदान और जनहित में किए गए कार्यों के लिए डॉ. शरद को समय-समय पर मुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उनके समर्पण, कर्मठता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

स्वस्थ दिनचर्या ही सबसे बड़ी दवा: डॉ. शरद

डॉ. शरद का मानना है कि अधिकांश बीमारियों से बचाव हमारी जीवनशैली में ही छिपा है। उनका कहना है कि नियमित दिनचर्या, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, प्रतिदिन व्यायाम, समय पर भोजन और सकारात्मक सोच व्यक्ति को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकती है। उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा स्वस्थ शरीर किसी दवा से नहीं, बल्कि अच्छी आदतों से बनता है। हर दिन अपने शरीर को थोड़ा समय दीजिए, बीमारी खुद आपसे दूरी बना लेगी।

सोशल मीडिया की दवाओं पर आंख मूंदकर भरोसा न करें

आज इंटरनेट और सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और दवाओं की भरमार है। इस पर डॉ. शरद कहते हैं कि केवल सोशल मीडिया देखकर दवा लेना सुरक्षित नहीं है। किसी भी दवा का सेवन करने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है।

सहकर्मियों की नजर में प्रेरणास्रोत

पिछले करीब दस वर्षों से उनके साथ कार्य कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि डॉ. शरद का व्यवहार हमेशा सहयोगात्मक और प्रेरणादायक रहा है। वे मरीजों से बेहद आत्मीयता, धैर्य और सम्मान के साथ पेश आते हैं। यही कारण है कि मरीज उनके पास केवल इलाज के लिए नहीं, बल्कि विश्वास के साथ पहुंचते हैं।

 

Location :  Deoghar

Published :  1 July 2026, 8:30 PM IST

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