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Mudhumita Case Resurfaced (Source: Pinterest)
Lakhimpur Kheri: यूपी के लखीमपुर-खीरी में कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मधुमिता की बहन निधि शुक्ला के घर के बाहर बुधवार तड़के संदिग्ध धमाका हुआ। निधि का आरोप है कि यह हमला उन्हें डराने और कानूनी लड़ाई से पीछे हटाने के लिए कराया गया है।
तड़के 3 बजे घर के बाहर हुआ तेज धमाका
निधि शुक्ला शहर के मिश्राना मोहल्ले में रहती हैं। उनके मुताबिक, 30 जून और 1 जुलाई की रात करीब 3 बजे घर के बाहर जोरदार धमाका हुआ। उस वक्त वह अपने परिवार के साथ घर के अंदर सो रही थीं। सुरक्षा में तैनात सिपाही ने फोन कर बताया कि बाहर बम ब्लास्ट जैसा तेज धमाका हुआ है।
निधि ने बताया कि सुरक्षा कारणों से उन्होंने तुरंत दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद सिपाही ने डायल-112 और थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद जब दरवाजा खोला गया, तब घर के बाहर विस्फोट होने की जानकारी मिली।
निधि बोलीं- अमरमणि और उनका परिवार मेरा दुश्मन
निधि शुक्ला ने सदर कोतवाली में शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहुबली पूर्व विधायक अमरमणि त्रिपाठी और उनका परिवार उनका दुश्मन है। निधि ने कहा कि अगर भविष्य में उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी हमला करने वालों और उनसे जुड़े लोगों की होगी।
निधि का दावा है कि मधुमिता हत्याकांड में कानूनी पैरवी जारी रखने के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले पर किताब और गाने का एलबम लॉन्च करने की तैयारी भी चल रही है, जिससे उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
निधि शुक्ला ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कागजों में उनके घर पर तीन सशस्त्र और एक सिविल पुलिसकर्मी की सुरक्षा मंजूर है, लेकिन पिछले करीब एक साल से सिर्फ एक सिपाही दिन में और एक रात में तैनात रहता है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन पुलिस बल की कमी का हवाला देकर इसे नजरअंदाज किया गया। निधि का कहना है कि पिछले साल भी उनके घर पर फायरिंग हुई थी, इसके बावजूद सुरक्षा मजबूत नहीं की गई।
2003 में हुई थी मधुमिता शुक्ला की हत्या
मधुमिता शुक्ला 24 साल की उभरती हुई कवयित्री थीं। 9 मई 2003 को लखनऊ की पेपर मिल कॉलोनी स्थित घर में घुसकर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में यह भी सामने आया था कि वह सात महीने की गर्भवती थीं। डीएनए रिपोर्ट में बच्चे का संबंध उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी से जुड़ा बताया गया था।
एफआईआर और सुरक्षा बढ़ाने की मांग
निधि शुक्ला ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा तत्काल बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
Location : Lakhimpur Kheri
Published : 1 July 2026, 9:41 PM IST