हिंदी
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में A.R. राजा मोहिद्दीन ने ऑल इंडिया रैंक 7 हासिल कर देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। तमिलनाडु के इस युवा ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगातार अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया और लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए।
UPSC 2025 में A.R. राजा मोहिद्दीन बने देश के सातवें टॉपर
New Delhi: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। इसके साथ ही आयोग ने सफल उम्मीदवारों की ऑल इंडिया रैंकिंग भी जारी की है। इस साल परीक्षा में देशभर के लाखों अभ्यर्थियों ने भाग लिया था, जिनमें से कुल 958 उम्मीदवारों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है।
इन सफल अभ्यर्थियों में कई नाम ऐसे हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और संघर्ष से प्रेरणादायक कहानी लिखी है। इन्हीं में एक नाम A.R. राजा मोहिद्दीन का है, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 7 हासिल कर बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है।
A.R. राजा मोहिद्दीन ने UPSC सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन 2025 में ऑल इंडिया रैंक 7 और तमिलनाडु रैंक 2 हासिल की है। यह सफलता उनके वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है और वह मेडिकल साइंस के छात्र है। ए आर राजा मोहिद्दीन, मुस्लिम उम्मीदवारों में टॉप करने वालों में अव्वल हैं, जिनकी रैंक 7वीं है।
बताया जाता है कि उन्होंने तैयारी के दौरान रोजाना कई घंटे पढ़ाई की और हर विषय को गहराई से समझने की कोशिश की। अपनी तैयारी को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने शंकर नामक IAS एकेडमी के GS प्रीलिम्स-कम-मेन्स फाउंडेशन प्रोग्राम 2022 में भी हिस्सा लिया, जिससे उनकी रणनीति और अधिक मजबूत हुई। वह चेन्नई के रहने वाले हैं और पहली बार दिल्ली 2004 में आए थे।
ए आर राजा मोहिद्दीन मूल रूप से तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के चेंगलपट्टू में जन्मे हैं। हालांकि उनका अधिकांश बचपन और पढ़ाई चेन्नई में हुई। उनकी मातृभाषा तमिल है और उन्होंने ऐसे माहौल में पालन-पोषण किया, जहां पढ़ाई और अनुशासन को अत्यधिक महत्व दिया जाता था। यही अनुभव आगे चलकर उनके करियर की दिशा तय करने में मददगार साबित हुआ।
UPSC Result 2025: वर्ल्ड बैंक की नौकरी छोड़ जिनिया अरोरा बनीं देश की 6वीं टॉपर, पहले आई थी इतनी रैंक
UPSC 2025 में राजा मोहिद्दीन ने ऑल इंडिया रैंक 7 हासिल कर देशभर में पहचान बनाई। वे टॉप-10 में जगह बनाने वाले इकलौते मुस्लिम उम्मीदवार बनकर उभरे। उनकी यह उपलब्धि तमिलनाडु में भी अन्य टॉपर उम्मीदवारों के साथ उन्हें अलग स्थान देती है।
राजा मोहिद्दीन की पढ़ाई का रिकॉर्ड शुरू से ही मजबूत रहा है। उन्होंने 2014 में चेन्नई के DAV Boys Senior Secondary School से दसवीं पास की। इसके बाद DAV Higher Secondary School से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। स्कूल शिक्षा के बाद उन्होंने मेडिकल क्षेत्र को चुना और अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से संबद्ध राजाह मुथैया मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूरी की। 2022 में उन्होंने मेडिकल की डिग्री हासिल की।
मेडिकल क्षेत्र में काम करते हुए राजा मोहिद्दीन ने देखा कि पब्लिक हेल्थ, सामाजिक योजनाएं और सरकारी नीतियां लोगों की जिंदगी पर कितना बड़ा असर डालती हैं। इसी अनुभव ने उन्हें प्रशासनिक सेवा की ओर प्रेरित किया। उनका मानना था कि नीति-निर्माण और प्रशासन में सक्रिय भूमिका लेने से समाज में बड़े स्तर पर बदलाव लाया जा सकता है।
कितना चुनौतीपूर्ण है UPSC परीक्षा पास करना, जानिये क्या-क्या तैयारियां करनी पड़ती हैं…
राजा मोहिद्दीन की UPSC सफलता रातों-रात नहीं आई। पहले दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार तैयारी जारी रखी। तीसरे प्रयास में उन्होंने 2025 की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 7 हासिल की। यह यात्रा साबित करती है कि लगातार मेहनत, धैर्य और सही रणनीति से देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में भी सफलता पाई जा सकती है।
UPSC के अनुसार इस वर्ष भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए 180, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए 150 और भारतीय विदेश सेवा (IFS) के लिए 50 उम्मीदवारों का चयन किया गया है। इसके अलावा केंद्रीय सेवाओं के ग्रुप ‘A’ के लिए 507 और ग्रुप ‘B’ के लिए 195 पदों पर नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों का चयन किया गया है।
UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का आयोजन अगस्त 2025 में किया गया था। इसके बाद मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के पर्सनालिटी टेस्ट और इंटरव्यू दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच आयोजित किए गए।
इन सभी चरणों के बाद आयोग ने अंतिम मेरिट सूची जारी की, जिसमें A.R. राजा मोहिद्दीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में सातवीं रैंक हासिल की।
A.R. राजा मोहिद्दीन की यह उपलब्धि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो UPSC जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, सही रणनीति और आत्मविश्वास के साथ किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
आज उनकी कहानी न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरे देश के युवाओं को यह भरोसा दिलाती है कि सपने बड़े हों तो उन्हें पूरा करने के लिए हिम्मत और मेहनत भी उतनी ही बड़ी होनी चाहिए।