‘जुनून, जिगर और मुकम्मल ख्वाब’, कानपुर के दो यारों की वो अटूट लगन जिसने मुश्किलों के सीने पर लिखी जीत
सिंगापुर की नौकरी से लेकर प्रोफेसर की नौकरी तक छोड़ी, फिर सिर्फ 3 लाख रुपये से शुरू किया कारोबार… आखिर कैसे दो दोस्तों की कंपनी शेयर बाजार में पहुंची और 137 करोड़ का मार्केट कैप हासिल किया?