ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद से लिया संन्यास, फिर बदल दी हजारों किसानों की तकदीर; पढ़ें पूर्व IAS प्रवेश शर्मा की कहानी

1982 बैच के पूर्व आईएएस प्रवेश शर्मा ने 29 साल की सरकारी नौकरी छोड़कर किसानों के हित में काम करने का फैसला लिया। 'सब्जीवाला' से शुरू हुआ उनका सफर आज 590 करोड़ रुपये का एग्री-टेक साम्राज्य बन चुका है। जानिए उनके इस प्रेरणादायक सफर की पूरी कहानी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 5 October 2026, 3:47 PM IST
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New Delhi: जब बात समाज में बड़ा बदलाव लाने की हो, तो पद और रसूख से परे हटकर फैसले लेने पड़ते हैं। मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी प्रवेश शर्मा ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है।

करीब 29 साल तक प्रशासनिक सेवा में रहने और भारत सरकार के कृषि मंत्रालय में संयुक्त सचिव जैसे पावरफुल पद पर काम करने के बावजूद, उन्होंने महसूस किया कि फाइलों में बनी नीतियां बिचौलियों के कारण खेतों तक नहीं पहुंच पाती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने साल 2016 में वीआरएस (VRS) लिया और सीधे खेतों का रुख कर लिया।

ताने सुने पर कदम नहीं डगमगाए

ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद से इस्तीफा देकर जब प्रवेश शर्मा ने कृषि क्षेत्र में कदम रखा और अपने शुरुआती स्टार्टअप का नाम 'सब्जीवाला' रखा, तो लोगों ने हैरान होकर उन पर तंज कसे। लेकिन उनका लक्ष्य बिल्कुल साफ था किसानों को उनकी मेहनत का पूरा और सही दाम दिलाना।

उन्होंने बिचौलियों की व्यवस्था को खत्म कर सीधे किसानों से उपज खरीदने का मॉडल तैयार किया। शुरुआती चुनौतियों के बावजूद उनका यह साहसिक प्रयास सफल रहा और किसानों को सामान्य बाजार भाव से 20 से 30 प्रतिशत तक ज्यादा मुनाफा मिलने लगा।

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सब्जीवाला से बना 'कमतन' और खड़ा हुआ 590 करोड़ का एग्री-टेक नेटवर्क

समय के साथ प्रवेश शर्मा ने अपने इस स्टार्टअप का विस्तार किया और इसे 'कमतन फार्म टेक' नाम दिया। पारदर्शी बिजनेस मॉडल और किसानों के भरोसे की बदौलत यह कंपनी तेजी से आगे बढ़ी। बाद में देश की प्रमुख एग्री-टेक कंपनी 'समुन्नति' ने 'कमतन' का अधिग्रहण कर लिया।

आज प्रवेश शर्मा समुन्नति ग्रुप के बोर्ड सदस्य के रूप में कार्यरत हैं, जिसकी नेटवर्थ करीब 590 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। भारतीय कृषि में किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को मजबूत करने के उनके योगदान के कारण उन्हें 'फादर ऑफ इंडियन एफपीओ' भी कहा जाता है।

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70 की उम्र में भी जारी है किसानों के सशक्तिकरण का मिशन

70 वर्ष की आयु में भी प्रवेश शर्मा का उत्साह कम नहीं हुआ है। हाल ही में उन्होंने 'भारत एफपीओ फाइंडर' नामक देश का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसे कृषि जगत का 'गूगल' कहा जा रहा है। इसके जरिए देश भर के किसान, व्यापारी और खरीदार सिर्फ एक क्लिक पर आपस में जुड़ सकते हैं।

प्रवेश शर्मा की यह अनूठी यात्रा साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सरकारी पद से बाहर निकलकर भी देश और समाज की तस्वीर को बड़े पैमाने पर बदला जा सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  5 October 2026, 3:47 PM IST

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