Success Story: 4 बार इंटरव्यू तक पहुंचीं, फिर भी नहीं मिली सफलता; दीपिका पाटीदार ने MPPSC में रच दिया इतिहास

Success Story: देवास की दीपिका पाटीदार ने कई असफलताओं के बाद MPPSC 2022 में पहली रैंक हासिल की। पहली कोशिश में प्रीलिम्स में असफलता और लगातार चार साल इंटरव्यू के बाद भी चयन नहीं हुआ। जानिए उनकी तैयारी, संघर्ष और डिप्टी कलेक्टर बनने की पूरी कहानी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 17 October 2026, 11:37 AM IST
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New Delhi: सफलता की राह में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं, जहां इंसान का आत्मविश्वास डगमगाने लगता है। लगातार मेहनत के बाद भी जब मंजिल नहीं मिलती, तो हार मान लेना आसान हो जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश के देवास जिले की दीपिका पाटीदार ने ऐसा नहीं किया।

सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू करने वाली दीपिका ने कई असफलताओं का सामना किया, अपनी गलतियों को समझा और फिर MPPSC की परीक्षा में टॉप कर डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना पूरा किया। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बार-बार असफल होने के बाद भी अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहते हैं।

सरकारी स्कूल से शुरू हुआ सिविल सेवा का सपना

दीपिका पाटीदार मध्य प्रदेश के देवास जिले के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई अपने गांव के सरकारी स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने राऊ के एक बोर्डिंग स्कूल से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की। आगे बढ़ने और परिवार को गर्व महसूस कराने की इच्छा ने उन्हें बड़े लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित किया। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई से शुरू हुआ उनका सफर धीरे-धीरे सिविल सेवा की तैयारी तक पहुंच गया।

BSc के बाद इतिहास में MA, फिर MPPSC की तैयारी

दीपिका ने इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज से कंप्यूटर साइंस में बीएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC की परीक्षा की तैयारी शुरू की। विषयों की समझ मजबूत करने के लिए उन्होंने इतिहास में एमए भी किया। उनका सिविल सेवा का सफर वर्ष 2016 में शुरू हुआ। लक्ष्य स्पष्ट था, लेकिन उस तक पहुंचने के लिए उन्हें कई मुश्किलों और चुनौतियों से गुजरना पड़ा।

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पहला प्रयास असफल, चार साल तक इंटरव्यू के बाद भी निराशा

दीपिका ने वर्ष 2017 में पहली बार परीक्षा दी, लेकिन वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी। वर्ष 2018 से लगातार चार साल तक वह इंटरव्यू के चरण तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह नहीं बना पाईं। बार-बार अंतिम पड़ाव तक पहुंचकर पीछे रह जाना उनके लिए निराशाजनक था। इसके बावजूद उन्होंने तैयारी छोड़ने के बजाय अपनी कमियों को पहचानने का फैसला किया।

गलतियों से सीखा और बदल दी तैयारी की रणनीति

लगातार असफलताओं के बाद दीपिका ने अपनी तैयारी का विश्लेषण किया। उन्हें समझ आया कि मुख्य परीक्षा की रणनीति और मॉक इंटरव्यू पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इसके बाद उन्होंने उत्तर लेखन का अभ्यास बढ़ाया और व्यक्तित्व विकास पर काम किया। अपनी कमजोरियों को सुधारने और आत्मविश्वास मजबूत करने की इस कोशिश ने उन्हें आगे बढ़ने की नई दिशा दी।

MPPSC में रैंक-1, पूरा हुआ डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना

दीपिका पाटीदार ने MPPSC 2022 की परीक्षा में पहली रैंक हासिल की और टॉपर बनीं। अंतिम चयन के साथ उनका डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना पूरा हुआ। वह अपनी सफलता में माता-पिता के सहयोग, आत्मविश्वास और लगातार मेहनत को अहम मानती हैं। उनकी यात्रा बताती है कि असफलता मंजिल का अंत नहीं, बल्कि अपनी रणनीति सुधारने का अवसर हो सकती है। सही दिशा, धैर्य और निरंतर प्रयास से मुश्किल लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा जा सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  17 October 2026, 11:37 AM IST

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