‘जुनून, जिगर और मुकम्मल ख्वाब’, कानपुर के दो यारों की वो अटूट लगन जिसने मुश्किलों के सीने पर लिखी जीत

सिंगापुर की नौकरी से लेकर प्रोफेसर की नौकरी तक छोड़ी, फिर सिर्फ 3 लाख रुपये से शुरू किया कारोबार... आखिर कैसे दो दोस्तों की कंपनी शेयर बाजार में पहुंची और 137 करोड़ का मार्केट कैप हासिल किया?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 23 August 2026, 1:18 PM IST
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Kanpur: सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने का जुनून हो तो मुश्किल रास्ते भी मंजिल तक पहुंचा देते हैं। कानपुर के दो दोस्तों अविनाश कुमार सिंह और मनीष कुमार श्रीवास्तव ने कुछ अलग करने की चाह में नौकरी छोड़ी, कारोबार शुरू किया और कई उतार-चढ़ाव का सामना किया। करीब तीन लाख रुपये से शुरू हुआ उनका कारोबार अब शेयर बाजार तक पहुंच चुका है। उनकी कंपनी ENS Enterprises Limited की 21 अगस्त 2026 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग हुई। लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 137 करोड़ रुपये रहा।

सिंगापुर की नौकरी छोड़ लौटे कानपुर

अविनाश कुमार सिंह ने गोविंद नगर स्थित चाचा नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने यूपी टेक्निकल यूनिवर्सिटी से आईटी में बीटेक और एनएसआईटी दिल्ली से इंफॉर्मेशन सिस्टम में एमटेक किया।

पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 2008 में उन्हें सिंगापुर में नौकरी मिली। उन्होंने अक्टूबर 2010 तक वहां काम किया और इसके बाद कानपुर वापस लौट आए। यहां आने के बाद उन्होंने अपना स्टार्टअप शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआती दौर में उन्हें सफलता नहीं मिली।
प्रोफेसर की नौकरी भी ज्यादा दिन नहीं चली

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स्टार्टअप के शुरुआती प्रयास के बाद अविनाश ने साल 2012 में

एनआईटी दिल्ली में सहायक प्रोफेसर के रूप में काम शुरू किया। लेकिन उनका मन कुछ नया करने में लगा रहा। वर्ष 2014 में उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी और आईआईटी कानपुर में रिसर्च से जुड़ गए।

हालांकि, करीब तीन महीने बाद उन्होंने रिसर्च का काम भी छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त मनीष कुमार श्रीवास्तव के साथ मिलकर कारोबार की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया।

2016 में तीन लाख रुपये से रखी कंपनी की नींव

जनवरी 2016 में अविनाश और मनीष ने मिलकर ENS Enterprises की शुरुआत की। कंपनी शुरू करने में करीब तीन लाख रुपये खर्च हुए। शुरुआती दिनों में कारोबार को आगे बढ़ाना आसान नहीं था। कंपनी को पहला काम सिर्फ पांच डॉलर का मिला था। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार धीरे-धीरे बढ़ता गया और आज कंपनी डिजिटल कॉमर्स और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी है।

मनीष की तकनीकी और मैनेजमेंट की पढ़ाई बनी ताकत

मनीष कुमार श्रीवास्तव ने बीटेक के बाद आईआईएम लखनऊ से एमबीए किया। तकनीकी शिक्षा के साथ मैनेजमेंट की समझ ने उन्हें कारोबार को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने में मदद की। दोनों दोस्तों ने अपनी अलग-अलग विशेषज्ञताओं को मिलाकर कंपनी को विस्तार दिया। आज ENS Enterprises का मुख्यालय नोएडा में है।

ई-कॉमर्स से लेकर डिजिटल मार्केटिंग तक कारोबार

ENS Enterprises डिजिटल कॉमर्स और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी के कारोबार में ई-कॉमर्स, ONDC इंटीग्रेशन, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, मोबाइल एप्लीकेशन, क्लाउड और डिजिटल मार्केटिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं। समय के साथ कंपनी ने अपने कारोबार का दायरा बढ़ाया और तकनीक आधारित सेवाओं पर फोकस किया।

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IPO को रिटेल निवेशकों का भी मिला अच्छा रिस्पॉन्स

कंपनी का आईपीओ 14 से 18 अगस्त 2026 के बीच खुला था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रिटेल निवेशकों की श्रेणी में आईपीओ को 11 गुना से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
इसके बाद 21 अगस्त को कंपनी के शेयरों की BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग हुई। लिस्टिंग के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 137 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

असफलता से सफलता तक का सफर

अविनाश और मनीष की कहानी सिर्फ एक कंपनी के शेयर बाजार में पहुंचने की कहानी नहीं है, बल्कि लगातार प्रयास और जोखिम उठाने की मिसाल भी है। सिंगापुर की नौकरी से लेकर स्टार्टअप की असफलता, प्रोफेसर की नौकरी और रिसर्च छोड़ने तक दोनों ने कई फैसले लिए।

आखिरकार तीन लाख रुपये से शुरू किया गया कारोबार शेयर बाजार तक पहुंचा और कंपनी का मार्केट कैप 137 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। दोनों दोस्तों की यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो नौकरी के साथ अपना कारोबार शुरू करने का सपना देखते हैं।

Location :  Kanpur

Published :  23 August 2026, 1:18 PM IST

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