बड़ी खबर: 10 साल की सजा, 10 करोड़ का जुर्माना; पेपर लीक संशोधन बिल को कैबिनेट की हरी झंडी, जानिए इसके कठोर प्रावधान

जंतर मंतर पर काकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है।

Updated : 24 July 2026, 3:05 PM IST
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Paper Leak Amendment Bill Approved by Modi Cabinet: पेपर लीक मामले के खिलाफ जंतर मंतर पर जारी काकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लिया। मोदी कैबिनेट ने अबसे थोड़ी देर पहले पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है। इसमें फास्ट ट्रैक के गठन, सजा और भारी भरकम जुर्माने के साथ कई कठोर प्रवाधान किये गये हैं।

कैबिनेट द्वारा मंजूर पेपर लीक संशोधन बिल को अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है। संसद के दोनों सदनों से मंजूरी के बाद इस विधेयक कानून का अस्तित्व मिलेगा और अमल में लाया जायेगा।

कैबिनेट द्वारा मंजूर इस बिल में पेपर लीक के दोषी को 10 साल की सजा, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, तीन महीने में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और फैसला समेत कई कठोर प्रावधान किये गये हैं।

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तीन महीने में न्याय: फास्ट ट्रैक कोर्ट करेगी फैसला

सरकार का मुख्य उद्देश्य इस तरह के मामलों की सुनवाई को महीनों या सालों तक लटकाने के बजाय जल्द से जल्द अंजाम तक पहुंचाना है। कैबिनेट द्वारा पारित इस विधेयक में विशेष रूप से फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन की बात कही गई है।

त्वरित सुनवाई: नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में होगी।

समय सीमा निर्धारित: मामले की सुनवाई शुरू होने के मात्र 3 महीने (90 दिन) के भीतर कोर्ट को अपना फैसला सुनाना होगा। इससे अभ्यर्थियों को सालों-साल इंसाफ का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

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भारी-भरकम जुर्माना और कठोर कारावास

पेपर लीक से जुड़े माफियाओं और इसमें संलिप्त लोगों के मन में खौफ पैदा करने के लिए बिल में आर्थिक और शारीरिक दंड दोनों का दायरा बेहद कड़ा किया गया है:

10 साल की सख्त सजा: कानून का उल्लंघन कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले दोषियों को 10 साल तक की जेल की सजा काटनी होगी।

10 करोड़ रुपये तक का आर्थिक दंड: आर्थिक रूप से कमर तोड़ने के उद्देश्य से बिल में दोषियों पर 10 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाने का प्रावधान शामिल किया गया है।

केंद्रीय कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद अब इस विधेयक को विधिवत कानून का रूप देने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।

Location :  New Delhi

Published :  24 July 2026, 2:55 PM IST

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