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मोदी कैबिनेट में बड़ा फेरबदल (Image: Social Media)
New Delhi: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मोदी कैबिनेट विस्तार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इस बार सरकार का फोकस मंत्रिमंडल को ज्यादा युवा और संतुलित बनाने पर है। सूत्रों के मुताबिक, विस्तार में युवाओं और महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के साथ नए सहयोगी दलों को भी जगह देने की तैयारी है। वहीं, 70 साल से ज्यादा उम्र के मंत्रियों की कुर्सी पर भी फैसला हो सकता है।
संभावित कैबिनेट विस्तार में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़ाकर करीब 75 करने की योजना पर मंथन चल रहा है। इसका मकसद नए सहयोगी दलों को प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ चुनावी राज्यों के राजनीतिक समीकरणों को साधना भी बताया जा रहा है। विस्तार में नए चेहरों की तलाश पर खास जोर है, खासकर ऐसे नेताओं पर जिनसे पार्टी को भविष्य में राजनीतिक फायदा मिल सके।
मंत्रिमंडल को युवा बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल 50 साल से कम उम्र वाले मंत्रियों की हिस्सेदारी करीब 24 फीसदी है। इसे बढ़ाकर करीब 40 फीसदी करने की योजना बताई जा रही है। मौजूदा मंत्रिमंडल में 50 साल से कम उम्र के केवल 17 मंत्री हैं। इनमें 40 साल से कम उम्र वाले सिर्फ दो राज्यमंत्री शामिल हैं। संभावित विस्तार में 40 साल से कम उम्र के कम से कम पांच मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। यानी इस बार युवा चेहरों को सिर्फ संख्या बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने पर भी जोर हो सकता है।
मोदी सरकार के अगले कैबिनेट विस्तार में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की भी तैयारी है। फिलहाल मंत्रिमंडल में सात महिला मंत्री हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर कम से कम 12 करने की योजना पर चर्चा हो रही है। इसके जरिए सरकार महिला प्रतिनिधित्व के साथ-साथ अलग-अलग राज्यों और सामाजिक समीकरणों को भी साधने की कोशिश कर सकती है।
कैबिनेट विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा उन मंत्रियों को लेकर है जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है। फिलहाल ऐसे 12 मंत्री बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इनमें से करीब एक चौथाई मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है। इसके अलावा 51 साल से अधिक उम्र वाले मंत्रियों की संख्या भी घटाने की योजना है। वर्तमान में करीब 65 फीसदी मंत्री 51 साल से अधिक उम्र के हैं। संभावित बदलाव के बाद इस हिस्सेदारी को करीब 50 फीसदी तक लाने की कोशिश की जा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम एशिया दौरे से 2 सितंबर को लौटने के बाद कैबिनेट विस्तार की योजना को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। इससे पहले पार्टी के भीतर संभावित नामों और राजनीतिक समीकरणों पर मंथन जारी रहेगा। कुल मिलाकर इस विस्तार में तीन चीजों पर सबसे ज्यादा जोर रहने की संभावना है युवा चेहरे, महिला प्रतिनिधित्व और नए सहयोगी दलों को जगह।
Location : New Delhi
Published : 27 August 2026, 8:54 AM IST