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देवघर में श्रद्धालुओं की भीड़ (Img: Dynamite News)
Deoghar: श्रावणी मेला अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। 28 अगस्त को मेले के समापन की तैयारी के बीच बाबा वैद्यनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भीड़ अब धीरे-धीरे ढलान पर है। शुरुआती दिनों में जहां लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही थी, वहीं अब प्रतिदिन करीब एक से डेढ़ लाख श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुंच रहे हैं।
इसी बीच देवघर जिला प्रशासन की एक पहल ने स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच खुशी की लहर पैदा कर दी है। देवघरवासियों को निःशुल्क शीघ्र दर्शनम कूपन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत स्थानीय लोग बिना किसी शुल्क के बाबा वैद्यनाथ का शीघ्र दर्शन कर पा रहे हैं।
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए श्रद्धालुओं को अपना फोटोयुक्त पहचान पत्र अथवा आधार कार्ड लेकर पहुंचना है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें शीघ्र दर्शन की सुविधा मिल रही है। सबसे खास बात यह है कि इस पहल का लाभ समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों को मिल रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक और स्थानीय श्रद्धालुओं से लेकर तीर्थ पुरोहित एवं पंडा समाज तक, लोगों ने प्रशासन की इस पहल पर खुशी जाहिर की है।
प्रशासन की ओर से निःशुल्क शीघ्र दर्शन की सुविधा के लिए समय भी निर्धारित किया गया है। सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक स्थानीय श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन के दौरान बाबा के दर्शन के लिए लंबी कतार और भारी भीड़ के बीच स्थानीय लोगों के लिए इस तरह की सुविधा काफी राहत देने वाली है।
देवघर के तीर्थ पुरोहित और पंडा समाज के लोगों ने भी जिला प्रशासन की इस पहल को सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि देवघरवासियों के लिए बाबा बैद्यनाथ सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि उनके जीवन और शहर की पहचान का हिस्सा हैं। ऐसे में स्थानीय श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलना स्वागत योग्य है।
शीघ्र दर्शन की सुविधा का लाभ उठा रहे श्रद्धालुओं के बीच अब एक नई मांग भी सामने आने लगी है। लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह हर महीने एक निश्चित अवधि के लिए देवघरवासियों को निःशुल्क शीघ्र दर्शन की सुविधा उपलब्ध करा दी जाए, तो इसका बड़ा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।
श्रद्धालुओं का तर्क है कि सावन या बड़े पर्वों के अलावा सामान्य दिनों में भी बाबा के दरबार में स्थानीय लोगों की आस्था बनी रहती है। ऐसे में महीने में एक बार या निश्चित अंतराल पर इस तरह की व्यवस्था होने से देवघरवासियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
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दरअसल, श्रावणी मेला जैसे विशाल आयोजन के दौरान प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाहर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था के साथ स्थानीय लोगों की सुविधाओं का संतुलन बनाए रखना होती है। ऐसे में निःशुल्क शीघ्र दर्शन की यह पहल स्थानीय लोगों के लिए प्रशासन की संवेदनशीलता का संदेश भी देती है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि मेले के समापन के बाद क्या इस सुविधा को किसी स्थायी या मासिक व्यवस्था का रूप दिया जाता है या यह केवल श्रावणी मेले तक ही सीमित रहती है।
Location : Deoghar
Published : 26 August 2026, 3:18 PM IST