‘1926 की लीज, 32 साल का कब्जा और अब बेदखली…’ दिल्ली रेस क्लब को 15 दिन में जगह खाली करने का आदेश

पटियाला हाउस कोर्ट ने लुटियंस दिल्ली स्थित 84 एकड़ सरकारी जमीन पर बने दिल्ली रेस क्लब की याचिका खारिज कर दी है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 26 August 2026, 12:30 PM IST
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New Delhi: पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली के ऐतिहासिक रेस क्लब को लेकर चल रहे विवाद पर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दिल्ली रेस क्लब की याचिका खारिज करते हुए उसे 15 दिनों के भीतर जगह खाली करने का आदेश दिया। यह रेस क्लब लुटियंस दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग पर लगभग 84 एकड़ सरकारी जमीन पर स्थित है और इसे लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। प्रधानमंत्री आवास के पास होने के कारण यह इलाका बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

क्लब मजबूत पक्ष रखने में नाकाम रहा

पटियाला हाउस कोर्ट ने क्लब की अंतरिम राहत की अपील स्वीकार नहीं की। कोर्ट ने पाया कि क्लब अपने पक्ष में कोई मज़बूत प्रथम दृष्टया (prima facie) मामला साबित करने में नाकाम रहा। कोर्ट के फैसले के बाद अब क्लब को प्रशासन द्वारा शुरू की गई बेदखली की कार्रवाई का सामना करना होगा।

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1926 की लीज को लेकर विवाद

केंद्र सरकार ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह जमीन 1926 में दिल्ली रेस क्लब को लीज पर दी गई थी और लीज की अवधि 31 दिसंबर, 1994 को खत्म हो गई थी। सरकार का कहना है कि लगभग 32 वर्षों से लीज का नवीनीकरण नहीं किया गया है, फिर भी क्लब ने इस जगह पर कब्जा बनाए रखा है। इन्हीं आधारों पर सरकारी जमीन वापस लेने की कार्रवाई शुरू की गई थी।

सार्वजनिक उद्देश्य के लिए जमीन वापस लेने का दावा

मार्च 2026 में, केंद्र सरकार ने एक नोटिस जारी कर कहा कि यह जमीन सार्वजनिक उद्देश्य के लिए जरूरी है। इसके बाद पब्लिक प्रेमिसेस (अनधिकृत कब्ज़ेदारों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासन ने कहा है कि उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए जगह खाली कराई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं

इससे पहले दिल्ली रेस क्लब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत पाने में नाकाम रहा था। शीर्ष अदालत ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था और क्लब को जिला अदालत जाने का निर्देश दिया था। इसके बाद क्लब ने पटियाला हाउस कोर्ट से अंतरिम राहत मांगी थी जिसे अब खारिज कर दिया गया है।

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जॉकी एसोसिएशन की याचिका भी खारिज

दिल्ली हाईकोर्ट ने जॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा दायर एक अलग याचिका भी खारिज कर दी। कोर्ट ने पाया कि एसोसिएशन लीज समझौते का पक्षकार नहीं है और इसलिए इस मामले में पक्षकार नहीं हो सकता। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन ने 15 दिनों के भीतर परिसर को खाली कराने की तैयारी तेज कर दी है।

Location :  New Delhi

Published :  26 August 2026, 12:30 PM IST

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