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10 साल से कांवरियों की सेवा (Source: Dynamite News)
Deoghar: बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में श्रावणी मेले के दौरान आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर हजारों कांवरिया करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच रहे हैं। इसी रास्ते पर किन्नर समाज का सेवा शिविर शिवभक्तों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है।
झारखंड की सीमा में प्रवेश करने के बाद किन्नर समाज की ओर से लगाया गया यह शिविर पिछले करीब दस वर्षों से कांवरियों की सेवा कर रहा है। यहां शिवभक्तों को निशुल्क पानी, नींबू शरबत और जरूरत के अनुसार अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
लंबी दूरी तय करके पहुंचे कांवरिया यहां कुछ देर रुककर थकान मिटाते हैं और फिर बाबा बैद्यनाथ के दरबार की ओर आगे बढ़ जाते हैं।
यह शिविर अब सिर्फ सेवा का केंद्र नहीं रह गया है। बड़ी संख्या में कांवरिया पानी और शरबत लेने के बाद किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर राजनंदिनी उर्फ रोज मौसी से आशीर्वाद भी लेते हैं।
महामंडलेश्वर राजनंदिनी, उनके सहयोगी अजीत सिंह और टीम के अन्य सदस्य दिनभर कांवरियों की सेवा में जुटे रहते हैं। कई शिवभक्त इस आशीर्वाद को अपनी कांवड़ यात्रा का खास हिस्सा मानते हैं।
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किन्नर समाज में भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप के प्रति विशेष आस्था देखने को मिलती है। इस स्वरूप में शिव और शक्ति को एक ही देह में विद्यमान माना जाता है। इसे पुरुष और स्त्री तत्व के संतुलन और एकत्व का प्रतीक माना जाता है।
किन्नर समाज के कई लोग अर्धनारीश्वर स्वरूप को अपनी आध्यात्मिक पहचान से जोड़कर देखते हैं। हालांकि उनकी धार्मिक मान्यताएं केवल भगवान शिव तक सीमित नहीं हैं और विभिन्न क्षेत्रों में शक्ति सहित अन्य देवी-देवताओं की आराधना की परंपरा भी रही है।
इस सेवा शिविर में भोजपुरी गायक और अभिनेता अरविंद अकेला उर्फ कल्लू भी पहुंचे। उन्होंने किन्नर समाज के सदस्यों से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया।
कल्लू ने कांवरियों की सेवा के लिए किन्नर समाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि कांवड़िया पथ पर इस तरह से शिवभक्तों की सेवा करना सराहनीय है। उनके शिविर में पहुंचने के दौरान वहां मौजूद कांवरियों और श्रद्धालुओं में भी उत्साह नजर आया।
किन्नर समाज से जुड़ी भगवान राम की एक लोककथा भी प्रचलित है। लोकमान्यता के अनुसार, वनवास के दौरान भगवान राम के कहने पर अयोध्या के लोग लौट गए, लेकिन किन्नर समुदाय वहीं प्रतीक्षा करता रहा। कथा के अनुसार, बाद में भगवान राम ने उनके समर्पण से प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद दिया।
हालांकि यह प्रसंग वाल्मीकि रामायण में इसी रूप में नहीं मिलता और इसे बाद की लोकपरंपरा माना जाता है। इसके बावजूद यह कथा किन्नर समाज की धार्मिक मान्यताओं में लोकप्रिय है।
105 किलोमीटर की कठिन यात्रा कर रहे कांवरियों के लिए एक गिलास पानी या नींबू शरबत भी बड़ी राहत बन जाता है। किन्नर समाज का यह शिविर इसी सेवा भावना को करीब एक दशक से आगे बढ़ा रहा है।
देवघर की कांवरिया पथ पर यह शिविर आस्था, सेवा और सम्मान की अलग तस्वीर पेश कर रहा है। बाबा बैद्यनाथ की ओर बढ़ते कांवरियों के बीच यहां सेवा लेने और आशीर्वाद प्राप्त करने वालों की भीड़ लगातार दिखाई दे रही है।
Location : Deoghar
Published : 13 August 2026, 10:50 AM IST
Topics : Deoghar News Kanwar Yatra Shravan Mela