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पेपर लीक मामले में सीबीआई का बड़ा एक्शन (Img- Internet)
New Delhi: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले की जांच को तेज करते हुए मंगलवार शाम को एक और छात्र को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस छात्र पर पुणे के एक स्कूल की हेडमिस्ट्रेस मनीषा हवालदार से परीक्षा से पहले ही फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) के प्रश्न हासिल करने का गंभीर आरोप है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में देश भर से अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, और इस ताजा कार्रवाई ने पेपर लीक सिंडिकेट के नेटवर्क को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है।
सीबीआई की तफ्तीश में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले के अन्य सह-आरोपियों ने गिरफ्तार किए गए इस छात्र का मोबाइल नंबर अपने फोन में 'गॉड' (भगवान) नाम से सेव कर रखा था। इससे साफ होता है कि पेपर लीक के इस पूरे खेल में इस छात्र की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण थी।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई ने छात्र को विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश आर आर मेंडे के समक्ष पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर भेजने का आदेश दिया, ताकि सीबीआई उसे दिल्ली ले जाकर इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं के सामने बिठाकर गहन पूछताछ कर सके।
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जांच में यह बात सामने आई है कि पुणे के स्कूल की हेडमिस्ट्रेस मनीषा हवालदार ने इस छात्र को नीट परीक्षा के फिजिक्स के सवाल मौखिक (बोलकर) रूप से बताए थे। सवाल सुनने के बाद छात्र ने उन्हें एक कागज पर लिखा और फिर उसकी तस्वीरें खींचकर मनीषा हवालदार के पति के मोबाइल पर भेज दीं।
लीक की भनक किसी को न लगे, इसलिए बाद में उस हस्तलिखित (handwritten) दस्तावेज को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। सीबीआई का आरोप है कि इस गोपनीय जानकारी और प्रश्नपत्र को साझा करने के बदले हेडमिस्ट्रेस ने छात्र से मोटी रकम भी वसूली थी।
सीबीआई को छापेमारी और जांच के दौरान इस धांधली से जुड़े कई पुख्ता सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी ने अब तक 23 पन्नों में लिखे फिजिक्स के सवाल, नीट के मूल प्रश्नपत्र, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के आधिकारिक प्रमाणपत्र और भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। पूछताछ के दौरान मनीषा हवालदार ने कबूल किया कि उन्होंने अप्रैल के महीने में ही अपनी याददाश्त के आधार पर फिजिक्स के प्रश्न दोबारा तैयार किए थे और उन्हें इस छात्र के साथ साझा किया था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने यह सब एनटीए के एक केमिस्ट्री विशेषज्ञ के कहने पर किया था, जिसे बाद में सह-आरोपी मनीषा मंधारे के कहने पर व्हाट्सएप या अन्य मैसेजिंग ऐप के जरिए आगे फॉरवर्ड किया गया था। जांच में पाया गया कि लीक हुए ये सवाल असली नीट परीक्षा के पेपर से काफी हद तक मेल खा रहे थे।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी पहले भी कई कड़े कदम उठा चुकी है। इससे पहले सीबीआई ने पी वी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था, जो सीधे तौर पर नीट-यूजी का प्रश्नपत्र तैयार करने वाली एनटीए की कोर टीम का हिस्सा थे।
उनके अलावा, इस रैकेट में शामिल ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनीषा वाघमारे और एक कंसल्टेंसी फर्म के संचालक धनंजय को भी सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। सीबीआई अब इस छात्र से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लीक हुए ये सवाल और कितने छात्रों तक पहुंचाए गए थे।
Location : New Delhi
Published : 27 May 2026, 11:50 AM IST