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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने एलपीजी सप्लाई को लेकर बड़े कदम उठाए हैं। पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता देने, उत्पादन बढ़ाने और जमाखोरी रोकने के फैसले लिए गए।
PM Modi
New Delhi: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट की आशंका पैदा कर दी है। खासकर एलपीजी और गैस सप्लाई को लेकर कई देशों में चिंता बढ़ गई है। भारत में फिलहाल गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन संभावित वैश्विक संकट को देखते हुए सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। इसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें देश में एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति को हर हाल में सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
कैबिनेट बैठक में एनर्जी सुरक्षा पर चर्चा
मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिया कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बावजूद भारत में ईंधन और गैस की सप्लाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलहाल देश में एलपीजी की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है और लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार संभावित चुनौतियों को देखते हुए पहले से ही तैयारी कर रही है, ताकि देशवासियों पर किसी भी तरह का असर न पड़े।
भारत के पास पर्याप्त भंडार
इससे पहले केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी स्पष्ट कर चुके हैं कि एलएनजी और ऊर्जा भंडार के मामले में भारत की स्थिति मजबूत है। उन्होंने बताया कि भारत के पास पर्याप्त गैस भंडार मौजूद है और कई देशों से एलएनजी की आपूर्ति जारी है। कतर समेत अन्य देशों के साथ आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य वैकल्पिक मार्गों पर भी काम कर रही है।
Essential Commodities Act के तहत नया आदेश
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए सरकार ने एलपीजी सप्लाई को बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने Essential Commodities Act 1955 के तहत नेचुरल गैस सप्लाई को नियंत्रित करने के लिए नया आदेश जारी किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने “नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर 2026” लागू किया है। इसके तहत घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी और उसके बाद कमर्शियल गैस की सप्लाई होगी। इसी कारण होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कुछ चिंता की स्थिति देखी जा रही है।
LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
मिडिल ईस्ट से आने वाली एलएनजी शिपमेंट में बाधा की आशंका को देखते हुए सरकार ने तेल कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कुछ सप्लायरों ने फोर्स मेज्योर क्लॉज भी लागू किया है। भारत का ज्यादातर एलपीजी आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार के निर्देश के बाद देश में एलपीजी उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिली है।
बुकिंग नियमों में भी बदलाव
सरकार ने गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया है। अब 25 दिन का एलपीजी गैस सिलेंडर बुकिंग पीरियड लागू किया गया है, ताकि जरूरत के हिसाब से ही गैस की सप्लाई हो सके और स्टॉक जमा करने की प्रवृत्ति पर रोक लगे।
जरूरी सेक्टर को मिलेगी प्राथमिकता
सरकार ने एक विशेष समिति का गठन भी किया है, जो गैर-घरेलू एलपीजी सप्लाई को अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था करेगी। साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और उद्योगों को मिलने वाली गैस सप्लाई की भी नियमित समीक्षा की जाएगी।
नए आयात विकल्पों की तलाश
सरकार ने यह भी कहा है कि भारत अब 40 से अधिक देशों से तेल और गैस आयात के विकल्प तैयार कर रहा है, ताकि मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम की जा सके। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है और अपनी जरूरत का लगभग 85 से 90 प्रतिशत तेल विदेशों से मंगाता है। फिलहाल भारत के पास करीब आठ सप्ताह का तेल भंडार मौजूद है, जिससे तत्काल किसी संकट की आशंका नहीं है।