ब्रातिस्लावा में कैसे दिखा बनारस का जादू, पीएम मोदी ने क्यों की कलाकारों की जमकर तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा में वाराणसी पर आधारित कला प्रदर्शनी देखी, जहां स्लोवाक कलाकारों ने बनारस की संस्कृति को दर्शाया। पीएम ने इसे भारत-स्लोवाकिया सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बताते हुए कलाकारों की सराहना की।

Updated : 16 June 2026, 1:21 PM IST
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New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दो दिवसीय ऐतिहासिक स्लोवाकिया यात्रा पूरी कर ली है। यह साल 1993 में स्लोवाकिया की आजादी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा थी। इस दौरे को भारत और स्लोवाकिया के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। यात्रा के दौरान दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, शिक्षा और रोजगार जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के लिए कई बड़े समझौतों पर सहमति जताई।

इस यात्रा के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक साझेदारी’ का दर्जा दिया है, जिससे भविष्य में सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।

ब्रातिस्लावा राष्ट्रपति भवन में विशेष प्रदर्शनी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ राजधानी ब्रातिस्लावा स्थित राष्ट्रपति भवन में एक विशेष कला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी भारत के प्राचीन और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर वाराणसी (बनारस) पर केंद्रित थी।

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इस प्रदर्शनी की खास बात यह थी कि इसमें शामिल अधिकांश कलाकृतियां स्लोवाकियाई कलाकारों द्वारा बनाई गई थीं, जिन्होंने हाल ही में वाराणसी का दौरा किया था। भारत यात्रा के दौरान मिले अनुभवों को इन कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से कैनवास पर उतारा, जिसमें बनारस की गलियों, घाटों, संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण की झलक देखने को मिली।

‘ब्रातिस्लावा में बनारस का जुड़ाव’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अनुभव को बेहद विशेष बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि ब्रातिस्लावा में बनारस से जुड़ाव देखने को मिला। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति पेलेग्रिनी के साथ उन्होंने वाराणसी पर केंद्रित एक आकर्षक प्रदर्शनी देखी, जिसमें उन स्लोवाक कलाकारों की कृतियां शामिल थीं जिन्होंने हाल ही में बनारस का दौरा किया था।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कला और संस्कृति में लोगों को आपस में जोड़ने की अद्भुत क्षमता होती है। उन्होंने प्रदर्शनी में शामिल सभी कलाकारों की सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई भी दी।

सांस्कृतिक रिश्तों की नई मिसाल

यह प्रदर्शनी केवल कला का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि भारत और स्लोवाकिया के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक भी बनी। स्लोवाकियाई कलाकारों द्वारा बनारस की संस्कृति और विरासत को यूरोपीय मंच पर प्रस्तुत करना दोनों देशों के बीच गहरे होते सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।

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वाराणसी की आध्यात्मिकता, परंपरा और जीवनशैली को विदेशी कलाकारों की दृष्टि से प्रस्तुत किया जाना इस बात का संकेत है कि भारतीय संस्कृति वैश्विक स्तर पर लगातार प्रभाव छोड़ रही है।

दो देशों के रिश्तों में नया अध्याय

प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान केवल सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली। आतंकवाद विरोधी सहयोग, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में हुए समझौतों ने दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दी है।

Location :  New Delhi

Published :  16 June 2026, 1:21 PM IST

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