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शराब दुकान खुलने पर भड़कीं महिलाएं (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Mirzapur: "या तो शराब की दुकान हटेगी, या महिलाओं का संघर्ष जारी रहेगा।" इन बुलंद नारों के साथ मिर्जापुर जिले के चुनार कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बशारतपुर (चकमिल्की) गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सैकड़ों की संख्या में महिलाएं स्थानीय देशी शराब के ठेके के खिलाफ सड़क पर उतर आईं। महिलाओं का यह उग्र प्रदर्शन गांव के भविष्य और परिवार की शांति को बचाने के लिए था, जो अवैध रूप से शिफ्ट किए गए इस ठेके के कारण दांव पर लग चुका है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, यह पूरा मामला चुनार कोतवाली क्षेत्र के बशारतपुर ग्राम सभा के चकमिल्की पूर्वा का है। ग्रामीण महिलाओं का मुख्य आरोप है कि मूल रूप से यह देशी शराब का ठेका मुल्लांनापुर गांव में आवंटित था, जिसे चुपचाप और मनमाने तरीके से लाकर बशारतपुर चकमिल्की ख में खोल दिया गया।
ग्राम प्रधान प्रशासक प्रतिनिधि सूरजभान ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ठेके की तय जगह मुल्लांनापुर थी, लेकिन इसे नियमों को ताक पर रखकर चकमिल्की में स्थापित कर दिया गया है, जिससे पूरे गांव में आक्रोश व्याप्त है।
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शनिवार की रात करीब आठ बजे सैकड़ों महिलाओं ने एकजुट होकर शराब के ठेके के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि गांव में इस ठेके के खुल जाने से माहौल पूरी तरह खराब हो चुका है-
युवाओं की बर्बादी: गांव के पढ़ने-लिखने वाले युवा कम उम्र में ही शराब जैसी गंभीर लत के आदी होते जा रहे हैं।
घरेलू हिंसा: परिवारों के मुखिया शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचते हैं और आए दिन मारपीट व तोड़फोड़ करते हैं, जिससे गृहस्थी का सामान तबाह हो रहा है।
असामाजिक तत्वों का जमावड़ा: महिलाओं का कहना है कि शराबी आए दिन आपस में लड़ते-भिड़ते रहते हैं, जिससे गांव की शांति भंग हो चुकी है।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने ठेके के संचालन पर गंभीर अनियमित्ताओं के आरोप भी लगाए। उनका आरोप है कि इस ठेके पर 24 घंटे सेल्समैन मौजूद रहता है। हद तो तब हो जाती है जब निर्धारित समय के बाद शराब मांगने पर तय कीमत से 15 रुपये अतिरिक्त (ओवररेटिंग) वसूले जाते हैं।
हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि आपराधिक गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं। महिलाओं ने बताया कि हाल ही में देर रात करीब 11 बजे शराब के ठेके पर बैठे कुछ दबंगों ने मिट्टी से लौट रहे गांव के ही बसंत लाल पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इन घटनाओं से सहमे ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
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बशारतपुर चकमिल्की पूर्वा में महिलाओं के इस जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही तत्काल चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचकर चौकी प्रभारी ने आक्रोशित महिलाओं को धैर्य बंधाया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। पुलिस अधिकारियों ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाकर महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराया।
हालांकि, प्रदर्शन में शामिल चमेला, मीना देवी, दुर्गावती देवी, राधा देवी, बिथुना देवी, उर्मिला देवी, रानी देवी, मुन्नी देवी, रंजना देवी, रीना देवी, मनोरमा देवी, कमला देवी, मीरा देवी, अनीता देवी, माया देवी, प्रेम देवी, सुनीता देवी, पार्वती देवी, प्रियंका देवी, सुभावती देवी, हीरावती देवी, रेशमा देवी, बेबी और बिंदु देवी सहित सैकड़ों महिलाओं का साफ कहना है कि जब तक यह शराब का ठेका पूरी तरह से यहां से नहीं हटाया जाता, उनका विरोध किसी भी कीमत पर जारी रहेगा।
Location : Mirzapur
Published : 2 August 2026, 10:33 AM IST