हिंदी
20 बच्चों के सपनों को मिली नई उड़ान (Source: Dynamite News)
Sultanpur: सीताकुंड स्थित बाबा वनवासी छात्रावास में 20 जनजातीय बच्चों का छात्र प्रवेशोत्सव धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और सामाजिक सहभागिता के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सुंदरकांड पाठ से हुई। इसके बाद बच्चों का तिलक, अंगवस्त्र और मंगलाचार के साथ छात्रावास में विधिवत प्रवेश कराया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता की।
प्रवेशोत्सव की शुरुआत सुंदरकांड पाठ के साथ हुई। इसके बाद जिला अध्यक्ष रामकुमार सिंह की अध्यक्षता में कार्यकर्ता गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में छात्रावास की गतिविधियों, जनजातीय बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास में समाज की भूमिका को लेकर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार और भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए समाज के सहयोग की आवश्यकता है।
छात्रावास के संरक्षक कृपाशंकर दुबे ने कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देना सच्ची राष्ट्रसेवा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे छात्रावास बच्चों को बेहतर शिक्षा और संस्कार देकर भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
छात्रावास की अध्यक्ष सुमन सिंह ने समाज से भावनात्मक रूप से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले के परिवार यदि अपने बच्चों का जन्मदिन वनवासी छात्रावास में आकर मनाएं तो यहां रहने वाले बच्चों का आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ेगा।
उन्होंने लोगों से जाति-पांति से ऊपर उठकर जनजातीय बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सहयोग करने का आह्वान किया।
विभाग संगठन मंत्री सुरेंद्र ने कहा कि वर्तमान समय में संस्कारवान और चरित्रवान विद्यार्थी ही देश के भविष्य को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि छात्रावास समाज के सहयोग से संचालित हो रहा है और यहां बच्चों की शिक्षा एवं जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है।
Chandauli News: वर्दी फाड़ी, चकमा दिया और हो गया नौ दो ग्यारह, वायरल वीडियो के बाद हरकत में आई पुलिस
छात्रावास में वर्तमान समय में लखीमपुर, सोनभद्र, बहराइच और बलरामपुर समेत विभिन्न जनजातीय क्षेत्रों के 20 बच्चे निवास कर रहे हैं। बच्चों को निःशुल्क आवास, भोजन, वर्दी और शिक्षा सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आयोजकों के मुताबिक इसका उद्देश्य आर्थिक अभाव को बच्चों की शिक्षा और भविष्य के रास्ते में बाधा नहीं बनने देना है।
कार्यक्रम में नगर के प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों ने जनजातीय एवं वंचित परिवारों के बच्चों को शिक्षित और संस्कारित करने के अभियान में सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर डॉ. सुभाष चंद्र, डॉ. ए.एन. सिंह, डॉ. चंद्रशेखर पांडेय, आशीष अग्रवाल, बलराम मिश्र, सुदीप, धनराज सिंह, शिव कुमार त्रिपाठी (एडवोकेट), आलोक आर्य सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
Location : Sultanpur
Published : 2 August 2026, 11:58 AM IST