इंस्टाग्राम पर हसीना बन बिछाते थे जाल… युवकों को हनीट्रैप में फंसाकर खुद बनते थे पुलिस और पत्रकार, पुलिस के हत्थे चढ़े शातिर ठग

उत्तर प्रदेश के मेरठ में इंस्टाग्राम पर फर्जी लड़की बनकर युवकों को हनीट्रैप में फंसाने और मिलने बुलाकर खुद को पुलिस व पत्रकार बताकर ब्लैकमेल करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है। मेरठ पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

Updated : 2 August 2026, 11:16 AM IST
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Meerut: सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया अब ठगों और अपराधियों का नया अखाड़ा बन चुकी है। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम पर सुंदर युवतियों के फर्जी प्रोफाइल बनाकर भोले-भाले युवकों को अपने जाल में फंसाया जाता था और फिर शुरू होता था ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल। मेरठ पुलिस ने इस शातिर हनीट्रैप और रंगदारी गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है।

कैसे बिछाया जाता था जाल?

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के सदस्य बेहद शातिर तरीके से काम करते थे। ये लोग Instagram पर युवतियों के नाम से फर्जी अकाउंट (Fake IDs) तैयार करते थे। इसके बाद युवकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर या सीधे मैसेज के जरिए उनसे बातचीत का सिलसिला शुरू किया जाता था। लगातार चैटिंग, मीठी-मीठी बातें और विश्वास जीतने का दौर कुछ दिनों तक चलता था। जब युवक पूरी तरह से इनके झांसे में आ जाता था, तब उसे किसी सुनसान या तयशुदा जगह पर मिलने के लिए बुलाया जाता था।

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मुलाकात की जगह बनते थे 'फर्जी पुलिस और पत्रकार'

जैसे ही पीड़ित युवक मिलने के लिए निर्धारित स्थान पर पहुंचता, वहां पहले से घात लगाकर बैठे गिरोह के अन्य सदस्य सक्रिय हो जाते थे। खेल का सबसे खतरनाक हिस्सा यहीं से शुरू होता था। आरोपी खुद को पुलिसकर्मी, बड़े पुलिस अधिकारी या फिर दबंग पत्रकार बताकर पीड़ित को घेर लेते थे।

इसके बाद शुरू होता था असली मानसिक टॉर्चर। युवकों को झूठे मुकदमों में फंसाने, समाज में बदनाम करने और जेल भेजने की धमकियां दी जाती थीं। डर के मारे पीड़ित सुध-बुध खो बैठते थे और यहीं से शुरू होती थी अवैध वसूली की मोटी रकम की डिमांड।

दो लाख की मांग और ऑनलाइन ट्रांसफर

इस गैंग की कार्यप्रणाली का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया। आरोपियों ने एक शख्स को हनीट्रैप में फंसाकर उससे 2 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम की मांग की थी। दबाव बनाने के लिए उससे जबरन 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी कराए गए। इतना ही नहीं, पीड़ित के आपत्तिजनक वीडियो या तस्वीरें बनाकर उन्हें लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा था, ताकि वे चुपचाप पैसे देते रहें।

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पुलिस की विशेष टीम ने दबोचे शातिर, दो गिरफ्तार

पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मेरठ पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और इस गिरोह के दो अहम गुर्गों राहुल पाल और आकाश को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने अपराध से जुड़े कई राज उगले हैं। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस गिरोह के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और उन्होंने अब तक कुल कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। पुलिस की टीमें बाकी फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं।

Location :  Meerut

Published :  2 August 2026, 11:16 AM IST

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